प्रतापगढ़। जिले के निजी उर्वरक विक्रेताओं को अब मूल्य सूची लगानी होगी। साथ ही दुकान पर उर्वरक की उपलब्धता की जानकारी भी देनी होगी। जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने कहा कि अगर यह पहल सार्थक हुई, तो निजी उर्वरक विक्रेता किसानों का शोषण नहीं कर पाएंगे। दरअसल, सरकारी बिक्री केंद्रों पर जब खाद खत्म हो जाती है, तो निजी दुकानदार मनमाने ढंग से उर्वरक की बिक्री करते हैं। जिला कृषि अधिकारी ने कहा है कि अगर दुकानों पर मूल्य सूची, लाइसेंसी दुकानदार का नाम और उपलब्धता नहीं अंकित होगी तो दुकानों से जुर्माना वसूला जाएगा। संवाद