प्रभारी मंत्री नितिन अग्रवाल के सामने महिला एथलिटों को मजबूरी में बिना जूते के 800 मीटर की दौड़ लगानी पड़ी। महिला सांसद खेल स्पर्धा के तहत कराई गई प्रतियोगिता ने अव्यवस्थाओं की पोल खोल कर रख दी है।
तीन दिवसीय महिला सांसद खेल स्पर्धा का आयोजन स्टेडियम में किया गया। वाॅलीबॉल, दौड़, कुश्ती, कबड्डी सहित अन्य खेल आयोजित किए गए। महिलाओं की खेल प्रतिभा निखारने के लिए सरकार की ओर से प्रयास किया गया। बेटियों की हौसलाअफजाई में प्रभारी मंत्री ने कसीदे भी पढ़ें। कहा कि बेटियां किसी से कम नहीं, प्रतिभा से वह देश में परचम लहरा रहीं हैं। देश की बेटियों में निश्चित रूप से प्रतिभा जरूर है, लेकिन उनकी प्रतिभा को महत्व न देने का कार्य स्टेडियम में किया गया। खेल किट बांटने वाले जिम्मेदार यह भूल गए कि एथलीटों को जूतों की भी आवश्यकता होती है। मंत्री, सांसद के सामने महिला एथलीट बिना जूते पहने 800 मीटर की दौड़ पूरी की। उनमें कुछ ने घर से जूते का प्रबंध किया था, मगर कुछ की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण वह नंगे पांव ही अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन के लिए खेल मैदान मेें उतरी। जिला क्रीड़ा अधिकारी पूनमलता राज ने बताया कि दौड़ लगाने वाले एथलीट खिलाड़ियों को जूता पहनना अनिवार्य होता है। जूते से उनके पैर की पूरी तरह से सुरक्षा होती है। नसों में खिंचाव भी नहीं होता है।