जिले के सांगीपुर, बिहार और पट्टी ब्लॉक में भी किसान कल्याण भवन बनाएं जाएंगे। किसानों के लिए एक ही स्थान पर खाद, बीज व दवाई आदि की उपलब्धता होगी। साथ ही उनकी समस्याओं का निराकरण भी होगा। इससे उन्हें भटकना नहीं पड़ेगा। 84- 84 लाख रुपये की लागत से भवन का निर्माण होगा।
जिले में तीन लाख 99 हजार हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि पर पांच लाख 83 हजार किसान रबी एवं खरीफ की फसलों के साथ सब्जी तथा अन्य फसलों की खेती करते हैं। उन्हें खाद-बीज व फसलों और गुणवत्ता पूर्ण दवाइयों के लिए भटकना पड़ता है। यही नहीं विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए कृषि विभाग के चक्कर लगाने पड़ते थे।
कृषि विभाग अब किसानों की समस्याओं के निराकरण के लिए किसान कल्याण केंद्र का निर्माण करा रहा है। 84-84 लाख रुपये की लागत से बनने वाले भवन में ऊपर मीटिंग हॉल, नीचे कार्यालय और गोदाम होगा। जहां खाद-बीज व कृषि रक्षा रसायन का बेहतर भंडारण किया जाएगा।
योजना के पहले चरण में रामपुर, संग्रामगढ़, संडवाचंद्रिका, आसपुर देवसरा में किसान कल्याण भवनों का निर्माण कार्य जारी है। जबकि दूसरे चरण सांगीपुर, बिहार व पट्टी में भी प्रस्तावित किसान कल्याण केंद्र का निर्माण शुरू होगा। पैकफेड कार्यदायी संस्था को निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इन भवनों में नव वर्ष में कार्य शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। किसान कल्याण भवन में किसानों को खाद -बीज के साथ ही दवाएं भी मिलेंगी। जिला कृषि अधिकारी डॉ. अश्वनी सिंह ने बताया कि किसान कल्याण केंद्र का निर्माण होने से किसानों को खाद, बीज, दवाएं आदि एक ही भवन में मुहैया कराने की योजना है।