प्राकृतिक आपदा से प्रति वर्ष सैंकड़ों किसानों की उपज खराब हो जाती है। अब किसान उड़द, मूंग , मक्का, धान, बाजरा, अरहर, ज्वार की फसलों को मौसम की मार से बचाने के लिए 31 जुलाई तक फसल बीमा करा सकते हैं। बैंकों से केसीसी लेने वाले किसानों के फसलों का बीमा स्वत: हो जाता है, जबकि गैर ऋणी किसानों को बीमा कराना पड़ेगा।
किसान क्रेडिट कार्ड से ऋण लेने वाले किसानों को महज सूचना देने पर निरीक्षण के सापेक्ष राहत धनराशि मिल जाती है। बीमा कराने वाले किसानों को प्रीमियम के तौर पर 1.5 प्रतिशत प्रीमियम जमा करना होगा।
जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि फसल नुकसान को लेकर चिह्नित क्षेत्रों में चौपालों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि किसान किसी भी प्रकार की जानकारी और सुझाव या नुकसान की जानकारी देने के लिए टोलफ्री नंबर 18008896868 या बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर 18002005142 पर किसान संपर्क कर सकते हैं। साथ ही विकास खंड के कृषि बीज भंडार, जिला कृषि अधिकारी कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।
किसान किसी भी सहज जनसेवा केंद्र से आधार, बैंक पासबुक और खेत की खतौनी देकर फसल बीमा करा सकते हैं। जिला कृषि अधिकारी के मुताबिक दैवीय आपदा से फसलों के नष्ट होने पर बीमा कंपनी को 72 घंटे के अंदर सूचना देना अनिवार्य है। तभी राहत राशि मिलेगी।