साधन सहकारी समिति गोबरी में सचिव की मनमानी से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा। डीएपी का बिक्री मूल्य 1350 रुपये है। मगर किसानों को 1380 रुपए की दर से खाद दी गई। मनमानी का आलम यह रहा कि किसी को पांच तो किसी को एक भी बोरी नहीं मिली।
संड़वा चंडिका विकासखंड के साधन सहकारी समिति गोबरी में किसानों से निर्धारित दर से अधिक दाम वसूला गया। शनिवार को खाद लेने गए राकेश वर्मा, महेंद्र वर्मा, दान बहादुर यादव, दीपक वर्मा, गुड्डू सिंह, राजाराम वर्मा, प्रेमनाथ गौड ने बताया कि उनसे एक बोरी डीएपी के लिए 1380 रुपये लिए गए। इतना ही नहीं नैनो यूरिया किसानों को जबरन दिया गया।
आरोप यह भी कि अपने परिचितों को छह-छह बोरी खाद दी गई जबकि जो नए सदस्य बने हैं, उन्हें खाद नहीं दी गई। वीरेंद्र प्रताप सिंह, राम उजागिरपाल, घनश्याम दुबे, सत्य प्रकाश सिंह, जफर खान, अनूप सिंह, राजेंद्र सिंह, दीपक सिंह, रंजीत वर्मा, राजेंद्र मिश्रा, कौशल कुमार, शिवबरन वर्मा, कुलदीप सिंह, अजय सिंह को निराश लौटना पड़ा। सचिव ओम प्रकाश यादव का कहना है कि 300 बोरी डीएपी आई थी, जो किसानों में वितरित कर दी गई है।