सात साल बाद भी अधूरा पड़ा है 50 बेड का महिला एवं शिशु अस्पताल
- पांच साल में स्वास्थ्य विभाग को करना था हैंडओवर, अधिकारियों की फटकार के बाद भी बरती जा रही लापरवाही
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। लालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में साढ़े सात करोड़ की लागत से बन रहा 50 बेड का महिला एवं शिशु अस्पताल सात साल बाद भी अधूरा है। अस्पताल का भवन बन कर तैयार है, लेकिन आंतरिक साज-सज्जा पूरा करने में साल भर से अधिक का समय लगने की उम्मीद है। जबकि इसे पांच साल के भीतर स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर कर देना था।
लालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में वर्ष 2016-17 में सांसद प्रमोद तिवारी व विधायक आराधना मिश्रा मोना के प्रस्ताव पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना के तहत 50 बेड का महिला एवं शिशु अस्पताल का निर्माण शुरू हुआ था।
राजकीय निर्माण निगम को अस्पताल भवन के निर्माण का जिम्मा मिला था। इसके लिए शासन से साढ़े सात करोड़ रुपये की धनराशि भी जारी हुई थी। पांच साल बीते अब सातवां साल है, भवन तैयार है, लेकिन अधूरे कार्यों की वजह से उपयोग में नहीं है।
कार्यदायी संस्था के साथ ही विभागीय अफसरों की लापरवाही से महत्वाकांक्षी योजना का निर्माण कच्छप गति से चल रहा है। जिसकी शिकायत सांसद और विधायक ने शासन से करते हुए निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराए जाने की मांग की। अस्पताल भवन भले ही भवन बन गया है, लेकिन भीतर खिड़की- दरवाजे तक नहीं लगे हैं। लिफ्ट भी नहीं लगाई जा सकी। इस कारण महिलाओं और नवजात को इलाज के लिए दूसरे अस्पताल जाना पड़ता है।
इनसेट
निर्माण कार्य में बरती गई है मनमानी
महिला एवं शिशु अस्पताल के निर्माण में कार्यदायी संस्था ने मनमानी की है। लोगों की शिकायत पर निर्माण की हकीकत खंगालने पहुंची क्षेत्रीय विधायक आराधना मिश्रा मोना ने गुणवत्ताविहीन कार्य व दोयम दर्जे की सामग्री का इस्तेमाल देख अफसरों के साथ मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखा था। शासन ने 3 सदस्यीय अफसरों की टीम गठित कर अस्पताल के भवन निर्माण में की जा रही धांधली की जांच कराई। जांच रिपोर्ट अभी सामने नहीं आई है, लेकिन जांच टीम के सामने लोगों ने धांधली उजागर की थी। जांच टीम निर्माण सामग्री का नमूना भी अपने साथ ले गई थी।
वर्जन-
कार्यदायी संस्था को पहले भी नोटिस दिया जा चुका है। जनवरी में विभाग को भवन हैंडओवर करना था। विभागीय अधिकारियों को विलंब से अवगत कराया गया है।
- डॉ. जीएम शुक्ला, सीएमओ