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Pratapgarh News: मोबाइल से गहरी दोस्ती करा रही नींद से दुश्मनी

Tue, 04 Jul 2023 09:09 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
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अनिद्रा के शिकार करीब दस युवा रोज पहुंच रहे मेडिकल कॉलेज
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संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। मोबाइल, फेसबुक, इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर ज्यादा समय बिताना युवाओं को अनिद्रा का शिकार बना रहा है। इस समस्या ग्रसित तकरीबन दस युवा प्रतिदिन मेडिकल कॉलेज में मनोचिकित्सक के पास पहुंच रहे हैं।
डॉ. सोनेलाल पटेल मेडिकल कॉलेज के मनोचिकित्सक डॉ. अमित कुमार ने बताया कि सोशल मीडिया पर व्यस्त रहने के कारण लोग परिवार के साथ-साथ खुद पर भी ध्यान नहीं दे पाते हैं। धीरे-धीरे नींद न आने की समस्या हो जाती है। इसकी वजह से अन्य मानसिक समस्याएं होती हैं।
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डाॅ. अमित के अनुसार समस्या की शुरुआत में व्यक्ति जिद्दी व चिड़चिड़ा हो जाता है। लोग ध्यान नहीं देते। बाद में दिक्कत बढ़ जाती है। खासतौर से 16 से 35 साल की उम्र वाले युवा इसकी चपेट में अधिक आ रहे हैं।
खेलना, लोगों से मिलना, सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होकर लोगों से बात करना, हंसी मजाक करना, पेड़-पौधों से दूरी भी युवाओं की नींद में बाधा की प्रमुख वजह है।
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अच्छी नींद के जतन
- रात में सोते समय ढीले कपड़े पहनें
- हाथ-पैर धोकर ही बिस्तर पर जाएं
- धीमी आवाज में संगीत सुनें
- सोने के एक घंटे पहले मोबाइल रख दें
- घर-परिवार व दोस्तों के साथ समय बिताएं
- प्रयास करें बेडरूम में टीवी न लगाएं
- सोने के समय इंटरनेट बंद कर दें

केस-1
शहर के पश्चिमी सहोदरपुर का रहने वाला बीस वर्षीय महेश मंगलवार को नींद की समस्या लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचा। बताया कि पहले वह मोबाइल का प्रयोग देर रात तक करता था। अब आदत बदलना चाह रहा है, पर मोबाइल बिना नींंद नहीं आती।
केस -2

सदर बाजार निवासी 18 वर्षीय मुकीम नींद न आने की शिकायत लेकर सोमवार को चिकित्सक के पास पहुंचा। उसने बताया तीन वर्ष से वह मोबाइल का प्रयोग अधिक करने लगा। किसी से बात भी नहीं करता था। अब रात को नींद ही नहीं आती है।
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मनोरोग का सबसे बड़ा कारण अनिद्रा है। जीवनशैली में बदलाव और मोबाइल का अधिक प्रयोग करने की वजह से व्यक्ति पूरी नींद नहीं ले पाते हैं। धीरे-धीरे वह बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। इसलिए दिनचर्या नियमित कर मोबाइल से दूरी बनाएं।
डॉ. अमित कुमार, काउंसलर/ मनोचिकित्सक
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