राज्य विश्वविद्यालय की लापरवाही परीक्षा केंद्रों और परीक्षार्थियों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। रविवार को भी अंग्रेजी में प्रश्नपत्र मिलने की वजह से परीक्षार्थियों को परेशानी उठानी पड़ी। करीब आधे घंटे विलंब से परीक्षा प्रारंभ हो सकी। शनिवार को परीक्षार्थियों के हंगामे के बाद भी विश्वविद्यालय द्वारा सुधार नहीं किया गया।
प्रो. राजेन्द्र सिंह(रज्जू भैया) विश्वविद्यालय से संबंद्ध महाविद्यालयों की बीएएलएलबी की परीक्षाएं 23 जून से हो रहीं हैं। परीक्षा के पहले दिन ही विश्वविद्यालय द्वारा प्रश्नपत्र अंग्रेजी में भेज दिया गया। हालांकि पहले दिन किसी तरह परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। यही स्थिति शनिवार को भी रही। अंग्रेजी में प्रश्नपत्र पाकर आक्रोशित परीक्षार्थियों ने केंद्र पर हंगामा भी किया था। परीक्षार्थियों की नाराजगी को देखते हुए केंद्राध्यक्षों ने मामले की जानकारी विश्वविद्यालय प्रशासन को दी। उस दिन विश्वविद्यालय ने प्रश्नपत्र का हिंदी में अनुवाद कराकर केंद्रों को ईमेल पर उपलब्ध कराया था। करीब एक घंटे विलंब से परीक्षा प्रारंभ हुई थी।
परीक्षार्थियों के हंगामे के बाद भी रविवार को फिर से अंग्रेजी में प्रश्नपत्र विश्वविद्यालय द्वारा उपलब्ध कराया गया। जिसे लेकर केंद्रों पर अव्यवस्था का माहौल देखने को मिला। केंद्र संचालकों ने विश्वविद्यालय को सूचित कर हिंदी में प्रश्नपत्र मंगाया। परीक्षा सुबह आठ से 10 बजे तक थी, लेकिन 8.30 बजे से परीक्षा प्रारंभ हो सकी। एमडीपीजी परीक्षा केंद्र के जनसूचनाधिकारी डॉ. सीएन पांडेय ने बताया कि प्रश्नपत्रों को फ़ोटो स्टेट कराने में करीब आधे घंटे का समय लगा। इसके बाद परीक्षा प्रारंभ कराई गई।
इनसेट
नहीं हुआ सुधार तो हो सकता है बवाल
नोडल केंद्रों पर दो दिन पूर्व प्रश्नपत्र उपलब्ध करा दिए जाते हैं। हालांकि प्रश्नपत्रों के बंडल को केंद्रों पर परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे पहले ही खोलने की अनुमति है। ऐसे में केंद्रों को प्रश्नपत्र के माध्यम (अंग्रेजी,हिंदी) माध्यम की जानकारी नही हो पाती है। केंद्रों का कहना है कि अब अगली परीक्षा के दिन विश्वविद्यालय को हिंदी में प्रश्नपत्र भेजना चाहिए। जिससे समय से परीक्षा शुरू कराई जा सके। नहीं तो परीक्षार्थियों का गुस्सा भड़क सकता है। जिससे परीक्षा कराने में मुसीबत होगी।
वर्जन
केंद्रों को हिंदी में प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं। परीक्षा देर में शुरू होने पर परीक्षार्थियों को अतिरिक्त समय दिया जा रहा है। अन्य परीक्षा के दिनों में समय से हिंदी माध्यम में प्रश्नपत्र उपलब्ध करा दिया जाएगा।
डॉ. अखिलेश सिंह, कुलपति, राज्य विवि