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दूसरे दिन भी बहाल नहीं हुई 50 गांवों की विद्युत आपूर्ति

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रानीगंज के दुर्गागंज में चक्रवात में टूटा बिजली का पोल। संवाद - फोटो : PRATAPGARH
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शनिवार को बवंडर की चपेट में आए दर्जनभर गांवों में जगह- जगह मेन व एलटी लाइन के पोल व तार टूटने से ध्वस्त हुई बिजली व्यवस्था रविवार को देरशाम तक बहाल नहीं हो सकी। विद्युत विभाग की टीम दिनभर सिर्फ नुकसान के आंकलन में ही हांफती रही। जद में आए 50 गांवों की विद्युत आपूर्ति न होने से लोग पानी व मोबाइल चार्ज करने के लिए परेशान रहे। विद्युत विभाग की उदासीनता से ग्रामीणों में आक्रोश रहा।
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बवंडर ने अमहटा, सवैया, बरहदा, टोडरपट्टी, सरायसेतराय, जयरामपुर, कसेरूआ, नहरहरपुर, खमपुर दुबेपट्टी, गुलरा, दयालपुर में जमकर तबाही मचाई। इससे गांवों में 100 से अधिक पोल टूटकर गिर गए। मेनलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। उपकरण टूटकर दूर-दूर तक बिखर गए।
प्रभावित गांवों के साथ ही बाबूपट्टी, आसीपुर, भटपुरवा, दुर्गागंज, हुसैनपुर, राजापुर मोहथरी, गोकुला, तिवारीपुर, कौलापुर, बनवारपुर सहित 50 गांवों की बिजली की आपूर्ति ठप हो गई। रातभर गांवों में अंधेरा छाया रहा। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि रविवार को आपूर्ति व्यवस्था में सुधार हो जाएगा।
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मगर विद्युत विभाग के अफसरों की उदासीनता की वजह से उन्हें निराश होना पड़ा। रविवार को लाइन ठीक करने के बजाए विभागीय अफसर वाहनों पर बैठकर नुकसान का आंकलन करने में जुटे रहे। इससे गांवों में दूसरे दिन भी आपूर्ति व्यवस्था बहाल नहीं हो पाई। लोग पानी के लिए हैंडपंप पर डटे रहे। लोग मोबाइल चार्ज करने के लिए दूसरे गांव में करीबियों के घर पहुंचे।
बवंडर से बिजली विभाग को करीब 10 लाख का नुकसान हुआ है। एसडीओ रानीगंज अखिलेश गुप्ता ने टीम के साथ रविवार को नुकसान का आंकलन करने भ्रमण पर निकले थे। शाम पांच बजे नुकसान के आंकलन की रिपोर्ट एक्सईएन को सौंपी। जिसमें बताया है कि करीब 10 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। 90 पोल टूटे हैं। एलटी व एचटी लाइन मिलाकर करीब डेढ़ किमी लाइन क्षतिग्रस्त हुई है। इसके अलावा 150 इंसुलेटर, 25 क्रास आर्म खराब हुआ है।
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