जिले के 58 हजार से अधिक उपभोक्ता दो से तीन गुना बिल भरने को मजबूर हैं। खराब और जले मीटर गलत रीडिंग दे रहे हैं। उपभोक्ताओं को इसकी जानकारी दिए बिना विद्युत विभाग आरडीएफ (आइडेंटीफाइड डिफेक्टिव) बिल भेज रहा है। ठंड के मौसम में भी गर्मी जैसा अधिक रीडिंग का बिल आने से उपभोक्ता परेशान हैं। विद्युत कार्यालय से आईजीआरएस पोर्टल पर ऐसी शिकायतों की भरमार है, लेकिन अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
जिले के चार डिविजन में करीब 4.90 लाख उपभोक्ताओं के घर मीटर लगे हैं। मीटर तेज चलने की शिकायत आम हैं। शिकायत पर कर्मचारी संतोषजनक जवाब न देकर बिल में लिखा ओके स्टेटस दिखा देते हैं। जिन उपभोक्ताओं के बिजली मीटर जले या खराब हैं और सूचना देने के बाद भी उनके मीटर नहीं बदले जा रहे हैं, ऐसे उपभोक्ता करीब डेढ़ साल से भटक रहे हैं।
आश्चर्य की बात यह है कि ऐसे उपभोक्ताओं का बिल अंदाज से बनता है। गणना को इस तरह समझें कि गर्मी के मौसम में सबसे ज्यादा बिजली की खपत होती हैं, उन्हीं महीनों के औसत के आधार पर जाड़े में कम खपत के बाद भी ज्यादा बिल भरना पड़ रहा है।
बिजली मीटरों की है कमी
जिले में बिजली मीटरों की कमी चल रही है, यही कारण है कि जिनके मीटर जले हैं, उन्हें बदला तक नहीं जा रहा है। सिर्फ नए कनेक्शन पर ही नए मीटर दिए जा रहे हैं। उपभोक्ताओं की शिकायत है कि नए लगाए गए मीटर बहुत मीटर तेज चल रहे हैं, जिसकी शिकायतें भी है।
केस 1- लालगंज के हंडौर निवासी तुलसीदास ने बताया कि उनका बिजली का मीटर एक साल से खराब पड़ा है। एसडीओ कार्यालय पर मीटर बदलने के लिए प्रार्थना पत्र दिया , लेकिन मीटर नहीं बदला गया। बिजली का बिल 24 हजार 700 रुपये आया है। शिकायत पर सुनवाई नहीं हो रही है।
केस 2- लीलापुर के शेखपुर निवासी संगीता मौर्या ने बताया कि जून माह का पूरा बिल जमा कर दिया है। हर माह 600 के करीब बिल आता है। छह माह के बाद की गई रीडिंग के बाद 29 हजार रुपये का बिल दिया गया है। मीटर बदलने के लिए एक्सीएन और हेल्पलाइन नंबर 1912 पर शिकायत की है।
समस्याओं का निस्तारण किया जा रहा है। आरडीएफ बिल (आइडेंटिफाइड डिफेक्टिव) की शिकायतें मिल रही हैं। एसडीओ स्तर से जांच कराकर मीटर सही करवाए जा रहे हैं। खराब मीटर भी बदले जा रहे हैं।
- इं. सत्यपाल, अधीक्षण अभियंता
चार डिविजन में खराब मीटर
डिविजन - खराब मीटर
-
सदर 9,812
कुंडा 19,293
लालगंज - 18,459
रानीगंंज - 10,649
चिलबिला में मीटर कार्यालय में रखा खराब पड़े मीटर। संवाद
चिलबिला में मीटर कार्यालय में रखा खराब पड़े मीटर। संवाद