लखनऊ में ठेकेदारी प्रथा समाप्त किए जाने की मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे बिजली कर्मियों पर हुए लाठी चार्ज के विरोध में गुरुवार को विद्युत कर्मियों ने विरोध दिवस मनाया। कर्मचारी संघ ने अधिशासी अभियंता प्रथम के कार्यालय पर काली पट्टी बांधकर धरना दिया।
धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए संघ के जिलाध्यक्ष हेमंत नंदन ओझा ने कहा कि बिजली कर्मचारियों के आंदोलन को दबाया नहीं जा सकता है। पांच वर्षों से ईपीएफ का हिसाब नहीं दिया गया है। कर्मचारियों का वेतन बकाया है। इन मांगों को लेकर कर्मचारी 26 फरवरी से जनपद में अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार करेंगे।
सभा को संरक्षक आरके पाल, उपाध्यक्ष कमलेश तिवारी, महेश कुमार, रामप्रकाश, विजय बहादुर, अशोक, संदीप तिवारी और अनवार अली ने संबोधित किया। संचालन रामसूरत ने किया। धरने के बाद मुख्यमंत्री, ऊर्जा सचिव, उ.प्र पावर कारपोरेशन के अधीक्षण अभियंता को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। धरने के बाद कर्मचारी एक्सईएन द्वितीय का घेराव करने उनके कार्यालय पहुंचे। मगर वह उस समय अपने चैंबर में मौजूद नहीं थे।
बिजली चोरी रोको अभियान पर गुरुवार को निकली टीम ने 188 कनेक्शन चेक किया। इस दौरान 32 मीटर बदले गए, 120 नया कनेक्शन किया गया। 21 का लोड बढ़ाया गया। 36 बकाएदार की लाइन काटी गई। 2 पर बिजली चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। 5 लाख 88 हजार की वसूली की गई। यह जानकारी एक्सईएन ओपी मिश्रा ने दी।