कस्बे में दुर्गा पूजा में प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान निकाली गई शोभा यात्रा में बिजली के तारों में शॉर्टसर्किट से आग लग गई। इस दौरान मौके पर अफरातफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। हादसे के बाद प्रशासन ने निर्णय लिया कि प्रतिमा विसर्जन के दौरान निकाली जा रहीं शोभायात्रा के विसर्जन स्थल तक पहुंचाने के बाद ही बिजली आपूर्ति चालू की जाएगी। इस वजह से पट्टी कस्बे में लगभग 8 घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। लोगों ने अंधेरे में विसर्जन किया और देखा।
मंगलवार की शाम पट्टी कस्बे में विभिन्न पूजा पंडाल के संचालक डीजे के साथ मां दुर्गा की प्रतिमा को ट्रैक्टर ट्राली पर रखकर विसर्जन के लिए ले जा रहे थे। इस दौरान कार्यक्रम स्थल से पूरे दुर्गा प्रतिमाओं नगर भ्रमण कराकर विसर्जन स्थल पर ले जाया जा रहा था।
शोभायात्रा के दौरान सड़क के ऊपर लटक रहे बिजली के तार बाधा बन गए। बार-बार तार छूने से शोभायात्रा के आगे बढ़ाने में समस्या आ रही थी। इसी दौरान पट्टी कस्बे के रायपुर रोड पर जब एक समिति की शोभायात्रा आगे बढ़ी तो ऊपर मेन लाइन के तार नीचे गिर गए। ट्रैक्टर ट्राली पर बनाई गई मां की प्रतिमा के साथ सजावट में ही आग लग गई। आग लगते ही ट्रैक्टर ट्राली पर बैठे करीब पंद्रह लोग कूद कर किसी तरह भागे।
स्थानीय लोगों के साथ ही समिति लोगों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए बिजली आपूर्ति ठप करा दी। आग लगने की सूचना पर कोतवाल अर्जुन सिंह भी मौके पर फोर्स के साथ पहुंचे। निर्णय लिया कि शोभायात्रा मार्ग की बिजली काट दी जाए। विद्युत विभाग के शैलेश सिंह सहित दर्जन भर कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे। काफी प्रयास के बाद भी जिस स्थान पर तार गिरे थे, वहां बिजली चालू करने में सफलता नहीं मिल सकी। आखिरकार रात्रि 3 बजे तक विद्युत आपूर्ति नगर में ठप रही। इस वजह से शोभायात्रा को देखने वाले लोग निराश हुए।