चिलबिला-जगेसरगंज रेलवे स्टेशन के बीच शनिवार को नई दिल्ली जा रही काशी-विश्वनाथ एक्सप्रेस एक महिला की सूझबूझ के कारण हादसे से बच गई। पटरी टूटी देख महिला ने अपनी लाल शाल लेकर पटरी पर खड़ी हो गई। चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर गाड़ी रोकी तब तक आधी ट्रेन पटरी पार कर चुकी थी। घटना के कारण वाराणसी-लखनऊ रेल मार्ग दो घंटे तक ठप रहा। रूट की गाड़ियाें को उनके स्थान पर रोक दिया गया।
वाराणसी से नई दिल्ली जा रही काशी-विश्वनाथ एक्सप्रेस प्रतापगढ़ से शाम पौने पांच बजे रवाना हुई। ट्रेन जगेसरगंज की ओर बढ़ रही थी। उसी वक्त पूरे केवल गांव की श्यामा पटेल पत्नी श्रीराम की नजर टूटी पटरी पर पड़ी। महिला ने अपनी लाल शाल उतारी और पटरी पर खड़ी हो गई। शाल लहराकर ट्रेन रोकने की कोशिश करने लगी। ट्रेन आउटर से दो सौ मीटर दूरी पर ही थी उसी वक्त चालक आरए शर्मा की निगाह लाल कपड़े पर पड़ी। चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगा दिया। ट्रेन टूटी पटरी से कुछ आगे निकलने के बाद रुकी। ट्रेन रुकते ही यात्रियों में हड़कंप मच गया। लोग उतरकर नीचे जाने लगे।
जांच पड़ताल में पता चला कि दो रेल पटरियों का जोड़ खुल गया जिससे पटरी दो भागों में बंट गई थी। जानकारी होने पर पीडब्ल्यूआई अजय आनंद व अन्य रेल अधिकारी मौके पर पहुंचने लगे। घटना के कारण वाराणसी और लखनऊ रेल मार्ग के बीच ट्रेनों का संचालन रोक दिया गया। पीछे से आ रही दिल्ली जाने वाली पद्मावत एक्सप्रेस को चिलबिला में रोक दिया गया। लखनऊ की ओर से आने वाली गाड़ियों को बीच में रोका गया। पीडब्ल्यूआई अजय आनंद ने बताया कि दो पटरियों का जोड़ अचानक खुल गया था। इससे आवागमन ठप रहा। बाद में उसको ठीक करके ट्रेनों को रवाना किया जा सका। कोई हादसा नहीं हुआ।