महिला अस्पताल के चिकित्सकों की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। ऑपरेशन के बाद चिकित्सक मरीज को देखने के लिए एक भी बार वार्ड तक नहीं पहुंचे। चार दिन में मरीज की हालत बिगड़ गई। परिजन परेशान हो गए और हंगामा करने लगे। इसके बाद चिकित्सकों ने प्रयागराज रेफर कर दिया।
आसपुर देवसरा के अमरगढ़ बैजलपुर निवासी रवीश यादव की पत्नी अंकुर यादव गर्भवती थी। 18 जुलाई को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने उसे महिला अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने ऑपरेशन की सलाह दी तो परिजन तैयार हो गए। डॉक्टर ने ऑपरेशन कर वार्ड में अंकुर यादव को शिफ्ट करा दिया।
इसके बाद वार्ड में भर्ती मरीज को कोई देखने तक नहीं गया। चार दिनों में मरीज के पेट में सूजन आ गई, उसकी हालत बिगड़ती गई। परेशान परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। आनन फानन में डाॅक्टर ने मरीज को प्रयागराज रेफर कर दिया।
परिजनों ने बताया कि मरीज की हालत अब भी बेहद नाजुक है। डॉक्टर की लापरवाही की वजह से मरीज जीवन और मौत के बीच जूझ रही है। प्रभारी सीएमएस डॉ.एसके पांडेय ने डॉक्टर की लापरवाही से इन्कार नहीं है। ऑपरेशन के बाद डाॅक्टर लगातार दो बार राउंड पर जाते हैं। अंकुर के लिए पुरुष अस्पताल के डॉक्टरों को भी बुलाया गया। हालत बिगड़ने पर हायर सेंटर भी रेफर किया गया।