जिला आपूर्ति और विपणन विभाग में तालमेल नहीं होने के कारण जिले के 5.74 लाख राशनकार्ड धारकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिला आपूर्ति विभाग ने आदेश जारी करके 22 दिसंबर से प्रधानमंत्री कल्याण अन्न योजना के तहत नि:शुल्क चावल वितरित करने का निर्देश जारी कर दिया है। कार्डधारक कंट्रोल की दुकानों का चक्कर लगा रहे हैं। हाल यह है कि अभी तक जिले की 1278 दुकानों तक चावल पहुंचा ही नहीं है।
जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली से उपभोक्ताओं को मुफ्त चावल वितरित करने के आदेश जारी हो चुके हैं। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत प्रत्येक यूनिट पर पांच किग्रा नि:शुल्क चावल का वितरण किया जाना है। अभी तक कोटेदारों की दुकानों तक चावल पहुंचाया ही नहीं गया है, तो कैसे हो।
जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत 1378 कंट्रोल की दुकानें हैं, इनमें अभी तक महज 100 दुकानों पर ही नि:शुल्क वितरण के लिए चावल पहुंचा है।
1278 दुकानें ऐसी हैं, जिनमें अभी तक चावल नहीं पहुंचा है। इधर, जिला आपूर्ति कार्यालय ने कोटेदारों को 22 दिसंबर से वितरित करने का आदेश जारी कर दिया गया है। इस अव्यवस्था से कार्डधारक ही नहीं कोटेदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी अजीत कुमार त्रिपाठी ने बताया कि डोर स्टेप योजना के तहत कोटेदारों की दुकानों पर अभियान चलाकर चावल भेजा जा रहा है। वितरण के लिए 31 दिसंबर की तिथि निश्चित की गई है। एक या दो दिन में कोटे की दुकानों पर चावल पहुंचा दिया जाएगा।