उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों के लिए खरीदे गए एंटीबायोटिक इंजेक्शन एमोक्सिसिलिन के बाद प्रयोगशाला की जांच में दर्द निवारक डाइक्लोजेल का सैंपल भी फेल हो गया। सीएमओ के ड्रग वेयर हाउस में 20 हजार डाइक्लोजेल डंप है। जिसकी खेप 20 दिन पहले ही यहां आई है। शासन की ओर से इसके वितरण और इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है।
एंटी बायोटिक इंजेक्शन एमोक्सिसिलिन का गत दिनों सैंपल लेकर ड्रग विभाग ने जांच कराई थी। जांच में सैंपल फेल हो गया। इसके बाद ड्रग विभाग ने सरकारी अस्पतालों में आपूर्ति की जाने वाली डाइक्लोजेल का नमूना जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा था। जांच में डाइक्लोजेल का भी नमूना फेल हो गया।
मामला संज्ञान में आने के बाद शासन ने तत्काल सरकारी अस्पतालों में डाइक्लोजेल के साथ ही एमोक्सिसिलिन की आपूर्ति पर रोक लगा दी। ड्रग स्टोर पर तैनात कर्मचारी के अनुसार जिले में 20 हजार डाइक्लोजेल ट्यूब स्टॉक में हैं। सैंपल फेल होने के बाद से इसका वितरण बंद है। उसकी अस्पतालों में आपूर्ति नहीं की जा रही है।
डाइक्लोजेल का सैंपल फेल होने की जानकारी नहीं है। शासन ने मरीजों को मुहैया कराने पर रोक लगा रखी है। एंटीबायोटिक इंजेक्शन के बैच नंबर का मिलान कराया जा रहा है। डॉ. सीपी शर्मा, एसीएमओ