प्रतापगढ़। बस, दो दिन मंगलवार से सावन की शुरुआत होगी जबकि दस जुलाई को सावन का पहला सोमवार पड़ेगा। इस दौरान अलग अलग रास्तों से होकर कांवड़ यात्रा शिवालय पहुंचेगी। श्रद्धा और उल्लास के बीच कांवड़ियों के जत्थे निकलेंगे लेकिन उन्हें टूटी सड़कों, पत्थर और कंकड़ के बीच से होकर ही गुजरना पड़ेगा। वैसे तो सावन से पहले इन रास्तों को दुरुस्त कराया जाएगा लेकिन अब तक इन रास्तों को दुरुस्त नहीं कराया जा सका है।
प्रयागराज से गंगा जल लेकर कांवड़िये बाबा घुइसरनाथ, बाबा बेलखरनाथ धाम, बाबा भयहरणनाथ धाम, बालुकेश्वरनाथ में जलाभिषेक करने के लिए जाएंगे। कांवड़ियों को हाईवे के साथ ही शिवालयों तक पहुंचने में दूसरे रास्ते भी तय करने पड़ते हैं। हौदेश्वरनाथ धाम में मानिकपुर, कालाकांकर समेत अन्य स्थानों से गंगा जल लेकर कांवड़िया जलाभिषेक करने पहुंचते हैं।
बेलखरनाथ जाने वाले कांवड़ियों को शहर के जेल रोड से आगे बढ़़ते ही खीरीबीर सई नदी पुल तक गड्ढे में तब्दील सड़क के कंकड़ों से होकर गुजरना होगा। वहां तक पहुंचने में सड़क किनारे बबूल की झाड़ियों तथा कांटों से भी परेशानी होगी। वहीं भुपियामऊ से लेकर चिलबिला तक अयोध्या, प्रयागराज हाईवे तक भी वे गड्ढे ही गड्ढों से गुजरेंगे। रानीगंज जामताली होते हुए नजियापुर की ओर से आने वाला रास्ता भी खस्ताहाल है।
यही हाल कटरा गुलाब सिंह स्थित भयहरणनाथ जाने वाले मार्ग का भी है। सावन में भयहरणनाथ धाम जाने वाले कांवड़ियों को जेठवारा- क़ानपुर मार्ग पर सड़क की गिट्टियों के बीच से गुजरना होगा। नौ किलोमीटर मुख्य सड़क गड्ढामुक्त अभियान के बाद भी चलने लायक नहीं है। कार्यदायी संस्था की मिली भगत से ठेकेदार ने जेसीबी लगाकर सड़क को पूरी तरह से उखाड़ दिया है। इससे सड़क पर बड़े बड़े बोल्डर बिखरे पड़े हैं। इसी राह से कांवड़िया बाबा धाम जाएंगे।
निर्माणाधीन घाट से बेलखरनाथ धाम में अव्यवस्था
सावन दस्तक देने को है लेकिन निर्माणाधीन पक्के घाट से बेलखरनाथ धाम में अव्यवस्था का बोलबाला है। जल निगम की ओर से समस्या दूर करने के लिए केवल आश्वासन ही मिल रहा है।
सावन में बड़ी संख्या में कांवड़िया जलाभिषेक करने आते हैं। इस बार पक्का घाट का कार्य पूरा नहीं हो सका। सड़क के किनारे बबूल की झाड़ियों की सफाई नहीं हो सकी। ऐसे में कांवड़ियों को दिक्कत का सामना करना पड़ेगा।-
नरेंद्र प्रसाद ओझा, बेलखरनाथ धाम
रानीगंज की ओर से आने वाले कांवड़ियों को जामताली के बाद से बाबा धाम तक पहुंचने में मशक्कत होगी। प्रशासन से सड़क दुरुस्त कराने की मांग की गई थी लेकिन ऐसा नहीं हो सका।-
लाल बिहारी, बेलखरनाथ धाम
बाबा धाम जाने वाले कांवड़ियों को नौ किमी तक समस्या होगी। शिकायत के बाद भी समय से सड़क का निर्माण नहीं हो सका।-
गीता जायसवाल, सभासद कटरागुलाब सिंह
सावन में कांवड़ियों के आवागमन वाली सड़क को दुरुस्त कराने का निर्देश भले ही सरकार की प्राथमिकता में है लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही लोगों पर भारी पड़ेगी।-
डाॅ.राजकुमार मिश्रा, कटरागुलाबसिंह
लोक निर्माण विभाग को कांवड़ यात्रा लेकर शिव मंदिरों तक जाने वाले सभी मार्गों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। कांवड़ियों को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होने दी जाएगी।-
त्रिभुवन विश्वकर्मा, अपर जिलाधिकारी