लापरवाही से अन्य मरीज भी हो सकते हैं संक्रमित, सीएमओ ने दिया जांच का आदेश, डिप्टी सीएमओ नामित
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। सीएमओ के निकट स्थित एक नर्सिंग होम संचालक की बड़ी लापरवाही सामने आई है। महिला चिकित्सक ने मंगलवार की रात हेपेटाइटिस- बी संक्रमित गर्भवती महिला का प्रसव कराया, लेकिन नियमत: लेबर रूम को 24 घंटे के लिए बंद नहीं किया। मंगलवार की रात संक्रमित के बाद दो महिलाओं का प्रसव कराने की चर्चा रही। इस लापरवाही से अन्य महिलाओं में हेपेटाइटिस-बी संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। मामले की जानकारी होने के बाद सीएमओ ने डिप्टी सीएमओ को जांच के लिए आदेश दिया है।
लालगंज की रहने वाली पूनम (26) गर्भवती थीं। मंगलवार को प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो परिजन उसे पल्टन बाजार स्थित हिंद अस्पताल लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने पूनम को भर्ती किया। थोड़ी ही देर बाद सामान्य प्रसव कराया गया। प्रसव के बाद चिकित्सक पूनम के रक्त की जांच कराई। जांच में पता चला कि वह हेपेटाइटिस-बी संक्रमित है। रिपोर्ट देखकर चिकित्सक परेशान हो गए। इसकी जानकारी अन्य मरीजों को न होने पाए, इसलिए उसके परिवार के सदस्यों को किसी प्रकार की जानकारी भी नहीं दी।
सुबह तक यह बात नर्सिंग होम में भर्ती मरीजों के बीच चर्चा का विषय बन गई। आरोप है कि हेपेटाइटिस-बी संक्रमित का प्रसव कराने के बाद भी नर्सिंग होम संचालक ने लेबर रूम न तो बंद कराया और न ही सैनेटाइज कराया। इस बीच उन मरीजों और तीमारदारों की घबराहट बढ़ गई, जिन्हें रात में लेबर रूम में ले जाया गया। आरोप यह भी है कि रात में ही दो महिलाओं का प्रसव कराया गया। जबकि यह इसका संक्रमण एचआईवी की तरह खून से खून मिल जाने पर फैलता है। इस बीच मौका पाकर जच्चा-बच्चा लेकर नर्सिंग होम संचालकों को बिना बताए चुपके से निकल गया। अस्पताल में भर्ती मरीजों को हेपेटाइटिस-बी संक्रमण का खतरा सता रहा है, जबकि नर्सिंग होम प्रबंधन से जुड़े लोग किसी तरह का खतरा नहीं होने का भरोसा दिलाते रहे।
-मरीज के पास किसी तरह की जांच रिपोर्ट नहीं थी। जब उसे लाया गया, तब बच्चेदानी का मुंह खुल चुका था। मानवता का परिचय देते हुए पहले प्रसव कराया गया। इसके बाद जांच कराई गई। प्रसूता की रिपोर्ट हेपेटाइटिस-बी संक्रमित की आई तो लेबर रूम बंद कराया गया। - डॉ. शाहिदा, नर्सिंग होम संचालिका
- हेपेटाइटिस-बी संक्रमित महिला का प्रसव कराने के बाद लेबर रूम बंद नही करने की जांच कराई जा रही है। जांच के लिए डिप्टी सीएमओ को नामित कर मौके पर भेजा गया है। हेपेटाइटिस- बी संक्रमित के बाद किन-किन प्रसव पीड़िताओं का प्रसव कराया गया है, उन्हें चिन्हित कर वैक्सीन लगवाई जाएगी। -डॉ. जीएम शुक्ल, सीएमओ