शिक्षण कक्ष में पढ़ाई के दौरान जर्जर छत का मलबा अचानक नीचे गिरने लगा। यह देख चीखते चिल्लाते हुए बच्चे कक्षा से भाग कर बाहर आ गए। गनीमत रही कि विद्यालय में कक्षा में बैठे बच्चे बाल बाल बच गए। छत का कुछ हिस्सा गिरने की घटना से बच्चों में दहशत फैल गयी।
सांगीपुर ब्लाॅक के प्राथमिक विद्यालय देवसढ़ा में बृहस्पतिवार को सुबह स्कूल के कक्ष में कक्षा दो के 20 बच्चे पढ़ाई कर रहे थे। तभी अचानक उस कमरे की जर्जर छत से एक जगह से टूटी और मलबा फर्श पर भरभरा कर गिरने लगा।
छत से मलबा गिरते देख कक्षा में मौजूद छात्र चीखते चिल्लाते बाहर भागे। उनके चेहरे पर दहशत फैल गयी। संयोग अच्छा रहा कि जहां मलबा गिरा, उस जगह पर कोई छात्र नहीं बैठा था।
बच्चों का शोर सुनकर प्रधानाध्यापक मोहिनी कुमार सिंह व शिक्षक भी भागकर वहां पहुंचे। बच्चों को सकुशल देख सभी ने राहत की सांस ली। प्रधानाध्यापक ने बताया कि छत जर्जर अवस्था में है। घटना में कोई हताहत नही हुआ है। मामले की जानकारी बीएसए व खंड शिक्षा अधिकारी को लिखित रुप में दी गई है। विद्यालय में कुल 81 छात्र पंजीकृत है।
विद्यालय निर्माण के गुणवत्ता की खुली पोल
उदयपुर। ग्रामीणों के मुताबिक विद्यालय का निर्माण वर्ष 2013-14 में कराया गया था। महज 10 वर्ष में ही जर्जर होकर छत का मालवा गिरने से विद्यालय के निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गुणवत्ताविहीन निर्माण कार्य के चलते विद्यालय जर्जर अवस्था में पहुंचता जा रहा है। हालांकि इस बारे में शिक्षकों से लेकर अधिकारी तक में जवाबदेही से बचते रहे।
विद्यालय की छत जर्जर होने की पूर्व में कोई सूचना लिखित या मौखिक नही दी गई। छत से मलबा गिरने के बाद आज इसकी जानकारी दी गई। मामले की जांच की जा रही है और विद्यालय के मरम्मत को लेकर स्टीमेट मांगा गया है।
- जंगीलाल, खंड शिक्षाधिकारी, सांगीपुर