जानलेवा हमले के मुकदमे की विवेचना लटकाने पर पुलिस अधीक्षक शिवहरी मीणा ने सांगीपुर थाने में तैनात दरोगा को लाइन हाजिर करते हुए थानाध्यक्ष के खिलाफ विभागीय जांच का आदेश दिया है। सीओ लालगंज से सही पर्यवेक्षण न करने पर स्पष्टीकरण मांगा है।
सांगीपुर थाना क्षेत्र में नवंबर माह में हनुमत सिंह व जयपाल सिंह के बीच विवाद हुआ था। इस मामले में हनुमत सिंह ने दूसरे पक्ष के खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया था।
जिसमें चार माह बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। मुकदमे की विवेचना दरोगा जावेद खान ने लटका रखी थी। मंगलवार को हनुमत ने मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक शिवहरी मीणा से की।
प्रकरण की जानकारी करने पर पता चला कि अभी तक न तो विवेचना पूरी हुई है और न ही आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई। इस पर एसपी ने दरोगा जावेद खान को लाइन हाजिर कर दिया। इस कार्रवाई से महकमे में हड़कंप मचा है।
दूसरी ओर पुलिस लाइन के सभागार में पुलिसकर्मियों के साथ एसपी ने बैठक की। सभी को लंबित शिकायतों के निस्तारण का निर्देश दिया। इस दौरान फतनपुर थाने में तैनात महिला आरक्षी रत्नेश गर्भवती होने के बाद भी बस से बैठक में शामिल होने पहुंची। अपने कार्यों का जिम्मेदारी से निष्पादन करने पर पुलिस अधीक्षक ने उसे पुरस्कृत किया।