हथिगवां थाना क्षेत्र के शाहपुर में आयोजित तीन दिवसीय उर्स में शिरकत करने आए दो किशोर शुक्रवार को नहाने के दौरान गंगा नदी में समा गए। उनके दो दोस्तों को डूबने से बचा लिया गया।
जानकारी के बाद शनिवार को परिजन रोते बिलखते पहुंचे। नदी की ओर अपनों के मिलने की आस छोड़ चुके परिजनों की चीत्कार से माहौल गमगीन हो उठता। एसडीआरएफ व स्थानीय गोताखोरों की टीम उनकी तलाश में दूसरे दिन भी लगी रही।
हरदोई के देहात कोतवाली क्षेत्र के बनरहिया बंजारा का पुरवा निवासी एक युवक व तीन किशोर हथिगवां थाना क्षेत्र के शाहपुर स्थित मजार के उर्स व मौलाना अंसार के तीन दिवसीय यौमे पैदाइश समारोह में शामिल होने के लिए आए हुए थे। 28 फरवरी से 2 मार्च तक चलने वाले समारोह में शामिल होने के बाद शुक्रवार को उन्हें घर लौटना था। घर जाने से पहले चारों शाहपुर गांव के समीप घाट पर स्नान करने पहुंच गए।
यहां गहरे पानी में चारों डूबने लगे। आसपास के लोगों ने रफीक अहमद व तस्लीम अहमद को बचा लिया, लेकिन तौफीक अहमद व अकील अहमद को नहीं बचा सके। गंगा के गहरे पानी में दोनों समा गए। स्थानीय गोताखोर व प्रयागराज से पहुंची एसडीआरएफ की टीम उनकी खोजबीन में जुटी रही लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
सूचना मिलने पर शनिवार को परिजन भी घाट पर पहुंचे। वे अपने लाडलों के मिलने की आस लिए दिन भर टकटकी लगाए नदी की ओर देखते रहे, मगर शाम होने तक कुछ पता न लगने पर मायूस हो गए। थानाध्यक्ष हथिगवां ने बताया कि एसडीआरएफ की टीम उनकी तलाश कर रही है। सुरक्षा के लिए लिहाज से पुलिस टीम भी लगी हुई है।
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बदहवास पिता की आंखों से बहता रहा आंसू
गंगा नदी में समाए अकील पांच भाइयों में चौथे नंबर पर था। वह अभी परिवार के काम-काज में हाथ बटाता था। शाहपुर पहुंचे अकील के पिता बादशाह की आंखों से आंसू बहता रहा। बड़े भाई शकील, आमीन, रज्जाक व छोटे भाई वकील परेेशान रहे।
बादशाह मौलाना अंसार से बातचीत कर घटनाक्रम की जानकारी करते रहे। मां परदानी भले ही नहीं आई थी, मगर परिवार के लोगों से लगातार बात करती रही।
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अब तौफीक नहीं आएगा वापस
हरदोई से उर्स में शामिल होने आया तौफीक चार भाइयों में मझला था। उसके बड़े भाई कमालुद्दीन, आजाद व छोटा भाई उसमान है। पिता गांव-गांव फेरी लगाकर बिसात खाने का काम करता है। बेटे के गंगा नदी में डूबने की जानकारी पर तौफीक की मां साहबजादी का रो-रोकर बुरा हाल है। वह परिवार के लोगों से उसके घर न लौटने की बात कहती रही।
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नहीं मिली तहरीर, घायल शेखर को भेजा गया पीजीआई
प्रतापगढ़। नगर कोतवाली के रूपापुर में बृहस्पतिवार की रात जुए के रुपये को लेकर हुए विवाद में दो पक्षों के बीच गोलियां चली थीं। इसमे प्रापर्टी डीलर सत्यदेव मौर्या निवासी जोगापुर व पल्टन बाजार निवासी शनि सिंह व शेखर सिंह को गोली लगी थी। तीनों का प्रयागराज में उपचार चल रहा था।
जहां शुक्रवार की देर रात शेखर सिंह की हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने उसे पीजीआई लखनऊ रेफर कर दिया। परिजन उसे लेकर पीजीआई रवाना हो गए। नगर कोतवाल ने बताया कि अभी तक किसी पक्ष से तहरीर नहीं मिली है। घटना के दौरान मौजूद लोगों की खोजबीन की जा रही है। संवाद