महेशगंज में प्रतिमा विसर्जन के दौरान डीजे चालक समेत दो लोगों की मौत से परिजनों में आक्रोश है। रविवार को उन्होंने शवों को सड़क पर प्रदर्शन किया। उन्होंने बिजली विभाग के खिलाफ कार्रवाई और आर्थिक मदद न मिलने तक अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया। अफसर समझाते रहे पर माने नहीं।
रविवार को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस सड़क जाम की आशंका को देखते हुए दूसरे मार्ग से चालक रंजीत का शव लेकर घर पहुंची। लेकिन शव मिलने के बाद परिजन घर के सामने से गुजरी सड़क पर शव रखकर बैठ गए। एसडीएम कुंडा भरतराम व सीओ सदर अमरनाथ गुप्ता परिजनों को समझाने लगे। परिजन डीएम को बुलाने की मांग करने लगे।
यही हालत अरुण सिंह के घर पर भी रहा। परिजन मांगों को पूरा करने के बाद ही अंतिम संस्कार करने की जिद करते रहे। मौके पर बाबागंज विधायक विनोद सरोज, एएसपी संजय राय आदि मौजूद रहे। परिवार के लोगों ने दो बीघा जमीन, एक करोड़ रुपये आर्थिक सहायता, बच्चों के भरण पोषण का इंतजाम करने का ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। कहा कि मांगे पूरी होने पर ही सोमवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा। संवाद
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परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
मूर्ति विसर्जन के दौरान डीजे में करंट उतरने से मृतक अरुण सिंह की पत्नी सीमा, बेटी जागृति सिंह और आराध्या सिंह को रोकर बुरा हाल रहा। अरुण के ऊपर परिवार की जिम्मेदारी थी। साल भर पहले उनके इकलौते बेटे सक्षम की भी बीमारी के कारण मौत हो गई थी। दूसरे मृतक रंंजीत सरोज महाराष्ट्र के पुणे में रहता था। अभी कुछ दिन पूर्व ही वह गांव आया था। घर में उसकी पत्नी प्रियंका, बेटा प्रिंस रोते बिलखते रहे।
परिजनों को मिलेगा किसान दुर्घटना बीमा की मदद
मूर्ति विसर्जन के दौरान डीजे में करंट करने से मृत दोनों व्यक्तियों के परिजनों को जमीन का पट्टा और किसान दुर्घटना बीमा की मदद दी जाएगी। बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता द्वितीय संदीप कुमार मौर्य ने बताया कि विभाग से मिलने वाले पांच लाख रुपये की सहायता राशि के लिए भी आवेदन पत्र को भरा जा रहा है।