मांगों को लेकर 16 घंटे तक दरवाजे पर रखा मां-बेटी का शव
- पुरवारा में हुए हादसे से परिजनों व ग्रामीणों में आक्रोश
- अज्ञात चालक पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
जलेसरगंज। बोलेरो की टक्कर से मां-बेटी की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने विभिन्न मांगों को लेकर शव 16 घंटे तक दरवाजे पर रखा। मांगें पूरी होने के आश्वासन पर परिजनों ने शव पुलिस को सौंपा। जिसके बाद पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। घटना में अज्ञात चालक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया है। लालगंज कोतवाली के पुरवारा गांव में बुधवार की शाम सात बजे अवधेश सरोज की पत्नी गुड्डा देवी और बेटी काजल की घर से कुछ दूर पहले बेकाबू बोलेरो की टक्कर से मौत हो गई थी। दोनों गेंहू की कटाई कर घर लौट रही थीं। घटना के बाद पुलिस शव लेने पहुंची, लेकिन नाराज परिजन शव लेकर घर चले गए। पुलिस रात भर परिजनों को समझाने का प्रयास करती रही लेकिन, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। दूसरे दिन सुबह पत्नी व बेटी को खोने वाला अवधेश सरोज मुरादाबाद से घर पहुंचा तो चीख पुकार मच गई। इसके बाद पुलिस ने शव का पंचनामा करने का प्रयास किया, तो परिजन व ग्रामीण भड़क गए। शव को पोस्टमार्टम के लिए देने से पहले परिजन चालक पर केस दर्ज करने, बच्चों के जीवन यापन के लिए 45 लाख रुपये, तीन बीघा जमीन, नि:शुल्क शिक्षा की व्यवस्था करने की मांग पर अड़ गए। परिवार के लोग जिलाधिकारी को बुलाने की मांग भी करने लगे। पुलिस ने मांगों को पूरी कराने का हरसंभव प्रयास करने का आश्वासन देकर परिजनों का आक्रोश शांत कराया। जिसके बाद सुबह 11 बजे परिजनों ने मां-बेटी का शव पुलिस को सौंपा। इसके बाद पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। मामले में अवधेश सरोज की तहरीर पर अज्ञात चालक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया है। प्रभारी निरीक्षक अवन कुमार दीक्षित ने बताया कि घटना को लेकर परिजनों में नाराजगी थी। परिजनों ने जो मांग पत्र दिया है, उसे अफसरों को भेजा जाएगा। केस दर्ज कर चालक की तलाश की जा रही है।
मृतका गुड्डा देवी। फाइल फोटो
मृतका गुड्डा देवी। फाइल फोटो
मृतका गुड्डा देवी। फाइल फोटो