एक पक्षीय कार्रवाई से नाराज दर्जनों महिलाओं ने रविवार को थाने का घेराव किया। इस दौरान एसओ से महिलाओं की झड़प हो गई। आरोप है कि एक महिला पर एसओ ने हाथ उठा दिया। इससे नाराज महिलाओं ने भी लाठी-डंडे से एसओ पर हमला कर दिया। इसके बाद थाने से सिपाही लाठी लेकर दौड़े तो मामला थमा। देर शाम तक महिलाएं एकपक्षीय कार्रवाई का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन करती रहीं। इस मामले में 10 महिला समेत 24 लोगों पर बलवा, मारपीट सहित अन्यधाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। साथ ही गांव में पुलिस भी तैनात कर दी गई है।
संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के बवलिया गांव निवासी भारतलाल पटेल ने गांव के पूर्व प्रधान विश्वनाथ पटेल को उनके ईंट भट्ठे के लिए लकड़ी दी थी। इसका पैसा बकाया होने पर भारतलाल उनके घर पैसा मांगने गया था। इस दौरान दोनों के बीच कहासुनी हो गई। कहासुनी की बात घर तक पहुंची तो वहां से उसके परिवार के भी कुछ लोग मौके पर पहुंच गए। उधर विश्वनाथ ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने भारतलाल सहित उनके घर से आए आठ लोगों को हिरासत में ले लिया और थाने चली आई। इसकी जानकारी जब भारतलाल के घर की महिलाओं को हुई तो वे गांव की दर्जनों महिलाओं के साथ लाठी डंडे से लैस होकर थाने पहुंच गईं। यहां एसओ पीएन आजाद से उनकी भिड़ंत हो गई। महिलाओं का आरोप था कि इस मामले में एक पक्षीय कार्रवाई की जा रही है।
दोनों तरफ से पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए। एसओ ने महिलाओं पर दबाव बनाने का प्रयास किया तो वे उग्र हो गईं। आरोप है कि इस बीच एसओ ने भारतलाल की मां राजकुमारी को एक थप्पड़ रसीद कर दिया। इस पर वहां मौजूद महिलाएं एसओ से भिड़ गईं। आरोप है कि एसओ से मारपीट भी की गई। इस पर थाने से लाठी डंडे के साथ सिपाही दौड़े तो महिलाएं प्रदर्शन करने लगीं। हंगामा काफी देर चलता रहा। फिलहाल इस मामले में पुलिस ने भारतलाल, सुरेश, अरविंद, दयाशंकर, महेश, संतोष, नंदलाल, जितेंद्र, राम मनोहर, दीपक और राजकुमारी, रामकली, रानीदेवी, जानकी, रामपती, माधुरी सहित 24 लोगों पर विभिन्न धाराओं में मुकदमादर्ज किया है।
थाने में दोनो पक्ष आपस में भिड़ गए थे। एसओ ने किसी से मारपीट नहीं की और न ही किसी ने एसओ से मारपीट की।
-नीरज पांडेय, एएसपी, पश्चिमी