संदिग्ध परिस्थितयाें में विवाहिता का शव फांसी पर झूलता मिलने से सनसनी फैल गई। पंाच घंटे की माथा पच्ची के बाद पुलिस शव को कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेज सकी। रोजी रोटी के सिलसिले में पति के परदेश में रहने के चलते मृतका ससुरालीजनों के साथ रहती थी। पुलिस ने तहरीर मिलने से इंकार किया है।
लालगंज कोतवाली के बभनपुर रानीगंज कैथौला निवासी शारदा प्रसाद तिवारी की बेटी अंतिमा(23) का विवाह संगियापुर के रामप्रकाश पांडेय के पुत्र कुलदीप के साथ बीते वर्ष जुलाई माह में हुआ था। दिसंबर में उसका गौना हुआ, जिसके बाद से वह ससुराल में रहने लगी। कुछ दिनों बाद उसका पति रोजी रोटी के सिलसिले में इंदौर चला गया। इसके बाद अंतिमा ससुर रामप्रकाश, सास विद्यावती व देवर दिलीप के साथ रहने लगी। शनिवार का शाम सात बजे वह खाना बनाकर अपने कमरे में साने चली गई।
बताया जाता है कि उसने अपने पिता को फोन कर बात की और घर ले चलने को कहने लगी। पिता ने होली पर ले जाने को कहा तो उसने रविवार को ही बुलाकर फोन काट दिया और दरवाजा बंद कर लिया। दूसरे दिन जब वह सुबह साढ़े सात बजे तक बाहर नहीं निकली तो परिजनों ने दरवाजा खटखटाया। लेकिन कोई जवाब नहीं मिलने पर परिजनों ने ग्रामीणों को बुलाकर दरवाजा तोड़वाया। दरवाजा टूटते की अंतिमा को फांसी के फंदे पर झूलता देख लोगों के होश उड़ गए। घटना की जानकारी होने पर मृतका के पिता भी रोते विलखते पहुंच गया। पुलिस भी कुछ देर बाद मौके पर आ धमकी। मृतका के पिता शव को पीएम कराने के लिए तैयार नहीं था।
दोपहर करीब बारह बजे पुलिस व लोगों के समझाने बुझाने उसका पिता पीएम कराने को तैयार हुआ। जिसके बाद पुलिस शव को कब्जे में लेकर पीएम के लिए जिला अस्पताल भेज सकी। पुलिस ने तहरीर मिलने से इंकार किया है। घटना को लेकर तहर तरह की चर्चा होती रही। कोतवाल ने बताया कि प्रथम दृष्टया आत्महत्या का मामला सामने आ रहा है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद कारण साफ हो सकेगा।