ननिहाल आया किशोर डूब रही बच्ची को बचाने के चक्कर में बकुलाही नदी में डूब गया। साथ रही उसकी ममेरी बहन ने परिजनों को बुलाया। करीब तीन घंटे बाद उसका शव मिला। घर का इकलौता होने के चलते परिजनों में चीखपुकार मच गई है।
महेशगंज थाना क्षेत्र के तिरक्षा गांव निवासी श्रीराम की पुत्री जगपाता देवी की शादी संग्रामगढ़ के बीजूमऊ गांव निवासी भोलेशंर के साथ हुई है। जगपाता अपने पुत्र शिवजी (13) के साथ एक सप्ताह पहले अपने मायके आई थी। इन दिनों वह मायके में ही थी। गुरुवार को सुबह शिवजी गांव की एक महिला सहित शिवानी (10), बबिता (12) और मामा की लड़की अंजली (10) के साथ नदी में कमल का फूल निकालने गया था। इस दौरान दौरान शिवानी गहरे पानी में चली गई। उसे डूबते देख बच्चों ने शोर मचाया तो शिवजी उसकी तरफ भागा। वह जैसे ही उसके करीब पहुंचा शिवानी उसका हाथ पकड़कर बाहर आ गई, लेकिन शिवजी गहरे पानी में चला गया। उसके डूबने पर बच्चे फिर से शोर मचाने लगे लेकिन सुबह का समय होने के कारण वहां कोई नहीं था। इस पर उसके मामा की बेटी अंजली भागकर घर पहुंची और परिजनों को घटना की जानकारी दी। इस पर परिजन सहित गांव के लोग शोर मचाते हुए मौके पर पहुंचे और उसकी खोज शुरू की। काफी देर खोज करने के बाद भी उसका शव नहीं मिला। सूचना पर एसओ महेशगंज मोहम्मद कासिम फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। करीब तीन घंटे तक ग्रामीणों की मदद से शव निकालने का प्रयास किया जाता रहा। तीन घंटे बाद शव निकाला जा सका। शव बाहर आते ही परिजनों में चीखपुकार मच गई। उधर पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गर्मी में जेसीबी से मिट्टी निकालने के कारण ही बच्चे की जान गई। नदी में करीब 15 फिट की गहराई तक खोदाई कराकर मिट्टी निकाल ली गई थी। इसके चलते ही बच्चे की जान चली गई।