दबंगों के भय व पुलिस की करतूत से नाराज ग्रामीण बस्ती छोड़कर पलायन कर गए। महिलाओं व बच्चों समेत ग्रामीण दो दिनों से नदारद हैं। न्याय मिलने के बाद ही ग्रामीणों ने बस्ती में लौटने का फैसला किया है। ग्रामीणों के पलायन के बाद बस्ती में सन्नाटा पसरा हुआ है। एसडीएम व सीओ ने विवादित जमीन पर दबंगों द्वारा किया गया अतिक्रमण हटवाते हुए ग्रामीणों से बस्ती में लौटने की अपील की है।
लालगंज कोतवाली के हदिराही ग्राम पंचायत में खलिहान की जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर बीते 19 जून की रात दलित बस्ती में दबंगों ने धावा बोल दिया। समीप ही रहने वाले बेेड़िया बिरादरी के लोगों ने विरोध जताया तो दबंगों ने लाठी-डंडों व कुल्हाड़ी से हमला कर दर्जन भर लोगों को लहूलुहान कर दिया। पीड़ित पक्ष ने पुलिस को सूचना दी, लेकिन कोई मौके पर नहीं पहुंचा। दबंगों की पिटाई व पुलिस की लापरवाही से आहत बेड़िया बिरादरी के लोगों ने दूसरे दिन सगरासुंदरपुर बाजार में लखनऊ-वाराणसी हाईवे पर जाम लगा दिया। दो घंटे बाद किसी तरह कार्रवाई के आश्वासन पर जाम समाप्त हुआ, लेकिन कोतवाली पहुंचने पर लोगों को पता चला कि दबंगों की मिलीभगत से उनके खिलाफ ही गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।
मीडिया में खबर चली तो पुलिस ने पीड़ित पक्ष का मुकदमा भी दर्ज कर लिया। दबंगों के भय से लोग घर जाने को तैयार नहीं हुए तो पुलिस ने सिपाहियों के साथ उन्हें भेजा। एक दिन बाद पुलिस लौट गई तो दबंगों के भय व पुलिस की करतूत से आहत बेड़िया बस्ती के लोगों ने शुक्रवार को घर छोड़ने का फैसला कर लिया। न्याय के लिए महिलाएं व बच्चे लेकर ग्रामीण अफसरों की चौखट पर फरियाद कर रहे हैं। वह केस खत्म न होने तक घर लौटने के लिए तैयार नहीं हैं। ग्रामीणों के गांव से पलायन की खबर पर प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। शनिवार को एसडीएम मोहनलाल गुप्ता व सीओ रमेशचंद्र आननफानन में मौके पर पहुंचे। यहां का नजारा देख अफसर सन्न रह गए।
बेड़िया बस्ती के सभी घरों में ताला बंद था। बस्ती में कोई नहीं मिला। एसडीएम ने मामले की जांच कराई तो बस्ती से लगी खलिहान की जमीन पर अवैध कब्जा मिला। इस पर एसडीएम व सीओ ने मौके पर ही खड़े होकर खलिहान की जमीन से कब्जा हटवाया। अवैध कब्जा हटवाने के बाद एसडीएम व सीओ ने बस्ती से पलायन करने वालों से मोबाइल पर वार्ता कर सुरक्षा व न्याय देने का भरोसा देते हुए लौटने की अपील की।