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रिटायर्ड रोडवेजकर्मी को गोलियों से भूना

Fri, 17 Nov 2017 11:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
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अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़ - फोटो : pratapgarah
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कोतवाली पट्टी के सदहा गांव में शुक्रवार तड़के राइसमिल पर मौजूद रिटायर्ड रोडवेजकर्मी पर अंधाधुंध फायरिंग कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया गया। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर वहां से फरार हो गए। फायरिंग की आवाज पर आसपास के ग्रामीण भागकर मौके पर पहुंचे। शव देखकर परिजन रोने बिलखने लगे। सूचना मिलने पर एएसपी, सीओ पट्टी व कोतवाल भी फोर्स के साथ पहुंचे और घटना की जांच की। मृतक के बेटे ने गांव के ही सगे भाइयों समेत चार पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोपियों में एक सपा नेता भी शामिल है।

सदहा गांव निवासी रामअभिलाष यादव (65) की गांव से पांच सौ मीटर दूरी पर राइसमिल है। रात में वह वहीं सोते थे। भोर में पूजा करने के लिए घर आते थे और फिर लौट आते थे। शुक्रवार की सुबह करीब साढ़े पांच बजे वह घर पर पूजा करने के बाद राइस मिल पहुंचे। इस बीच असलहो से लैस कुछ लोग आए और उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। फायरिंग की आवाज सुनकर बेटा रामकैलाश यादव व परिवार के लोग भागकर राइस मिल पहुंचे। वहां रामअभिलाष का गोलियों से छलनी शव पड़ा था। पास में ही आधा दर्जन खोखे पड़े थे। जिससे साफ जाहिर हो रहा था कि हत्या के दौरान एक साथ कई असलहों का प्रयोग किया गया। हमलावरों ने कई राउंड फायरिंग की थी। सूचना पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। एएसपी राकेश सिंह, सीओ पट्टी रमेशचंद्र, कोतवाल पट्टी भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के बेटे रामकैलाश यादव की तहरीर पर पुलिस ने सपा नेता विजय यादव व उनके भाई विनोद यादव पुत्र रामअजोर निवासी सदहा, सुनील पुत्र जयप्रकाश निवासी सदहा व सुरेश वर्मा पुत्र सालिकराम निवासी डाही के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है।
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दस वर्ष पहले चुनावी रंजिश में दोनों परिवारों के बीच पड़ी थी दुश्मनी की नींव
पट्टी। सदहा निवासी दो परिवारों के बीच वर्चस्व की जंग में खून बह रहा है। इस जंग में दोनों परिवार पिस रहे हैं। ग्राम प्रधान व क्षेत्र पंचायत के चुनाव को लेकर शुरू हुई मामूली अदावत हत्या तक पहुंच गई। गांव भी दो खेमे में बंटा हुआ है। जिसमें एक खेमा विजय यादव की ओर तो दूसरा खेमा रामअभिलाष की ओर रहता है। इसमें विजय यादव सपा के प्रभावशाली नेता हैं और शीर्ष नेतृत्व के करीब भी रहते हैं। इस रंजिश के चलते ही वर्ष 2014 अक्तूबर में विजय यादव के भतीजे सुनील यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में रामअभिलाष यादव के पुत्र राकेश यादव, रामकैलाश, व रामश्लोक पांडेय निवासी गधियांवा समेत अन्य लोग हत्यारोपी बने थे। जिनमें से राकेश यादव की जमानत अभी नहीं हुई है और वह जेल में ही है। अब यह दूसरी घटना सामने आई है। जिसमें रामकैलाश यादव के पिता की अंधाधुंध फायरिंग कर हत्या कर दी गई। दोनों परिवारों के बीच चल रही अदावत कब खत्म होगी, इसे लेकर शुक्रवार को दिनभर गांव में चर्चा होती रही।
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