फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विधानसभा में गूंजा रायबरेली नरसंहार का मामला

Wed, 12 Jul 2017 12:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़ - फोटो : pratapgarah
विज्ञापन
रायबरेली जिले के ऊंचाहार इलाके के इटौरा बुजुर्ग आप्टा गांव में हुए सामूहिक नरसंहार के मामले को रामपुरखास विधायक आराधना मिश्र मोना ने मंगलवार को विधानसभा में उठाते हुए आईजी से घटना की बेहतर तरीके से जांच कराने और पीड़ितों को 50-50 लाख रुपये देने की मांग की है।
विज्ञापन


रायबरेली के आप्टा गांव में हुए पांच लोगों के नरसंहार के  मामले को लेकर इन दिनों सूबे में राजनीति गरमा गई है। मंगलवार को विधानसभा में बजट सत्र के दौरान रामपुरखास की विधायक आराधना मिश्र ने सदन में मामला उठाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ध्यान आकृष्ट कराया। विधायक ने हृदयविदारक घटना का दृष्टांत प्रस्तुत करते हुए सदस्यों को भावुक कर दिया। उन्होंने कहा कि नरसंहार के मामले को जाति-धर्म से ऊपर उठकर मानवीय पक्ष के दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो लोग मृतकों को अपराधी बता रहे हैं, उनसे यह सवाल किया जाना चाहिए, कि अगर वह अपराधी थे, तो उनके असलहे कहां गए। उन्होंने सदन को बताया कि मृतकों को लाठी, डंडे, रॉड से मारा गया, उनका मुंह कुचला गया, उनके पैर काटे गए, सैकड़ों मीटर घसीटने के बाद जलती कार में डाला गया। घटना को हादसा बताकर अपने अपराध को छुपाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने मामले की आईजी स्तर के अधिकारी से जांच कराने और मृतकों के आश्रितों को दी गई पांच लाख रुपये को कम बताते हुए पचास लाख रुपये देने की मांग की। उन्होंने सीएम को बताया कि भाष्कर मिश्रा की विधवा पूजा अभी तक बेहोश है। उन्होंने प्रत्येक मृतक परिवार के आश्रित को सरकारी सेवा में नौकरी देने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें