रायबरेली जिले के ऊंचाहार इलाके के इटौरा बुजुर्ग आप्टा गांव में हुए सामूहिक नरसंहार के मामले को रामपुरखास विधायक आराधना मिश्र मोना ने मंगलवार को विधानसभा में उठाते हुए आईजी से घटना की बेहतर तरीके से जांच कराने और पीड़ितों को 50-50 लाख रुपये देने की मांग की है।
रायबरेली के आप्टा गांव में हुए पांच लोगों के नरसंहार के मामले को लेकर इन दिनों सूबे में राजनीति गरमा गई है। मंगलवार को विधानसभा में बजट सत्र के दौरान रामपुरखास की विधायक आराधना मिश्र ने सदन में मामला उठाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ध्यान आकृष्ट कराया। विधायक ने हृदयविदारक घटना का दृष्टांत प्रस्तुत करते हुए सदस्यों को भावुक कर दिया। उन्होंने कहा कि नरसंहार के मामले को जाति-धर्म से ऊपर उठकर मानवीय पक्ष के दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो लोग मृतकों को अपराधी बता रहे हैं, उनसे यह सवाल किया जाना चाहिए, कि अगर वह अपराधी थे, तो उनके असलहे कहां गए। उन्होंने सदन को बताया कि मृतकों को लाठी, डंडे, रॉड से मारा गया, उनका मुंह कुचला गया, उनके पैर काटे गए, सैकड़ों मीटर घसीटने के बाद जलती कार में डाला गया। घटना को हादसा बताकर अपने अपराध को छुपाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने मामले की आईजी स्तर के अधिकारी से जांच कराने और मृतकों के आश्रितों को दी गई पांच लाख रुपये को कम बताते हुए पचास लाख रुपये देने की मांग की। उन्होंने सीएम को बताया कि भाष्कर मिश्रा की विधवा पूजा अभी तक बेहोश है। उन्होंने प्रत्येक मृतक परिवार के आश्रित को सरकारी सेवा में नौकरी देने की मांग की है।