रविवार को देर शाम अंतू रेलवे स्टेशन के निकट गेट नंबर 90 के पास दिल्ली जा रही काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस के सामने कूदकर एक युवक ने आत्महत्या कर ली। लाश एक घंटे तक ट्रैक पर पड़ी रही। उसके ऊपर से कई ट्रेनें गुजर गईं। प्रतापगढ़ से लखनऊ जा रही पीआरएल पैसेंजर के चालक ने जब ट्रेन ले जाने से इनकार कर दिया। तब जाकर शव हटाया गया।
रविवार शाम लखनऊ जा रही काशी विश्वनाथ गेट नंबर 90 के पास पहुंची। तभी दांदूपुर गांव की तरफ से भागता हुआ एक युवक आया और उसके सामने कूद पड़ा।
जिससे उसकी मौत हो गई। काशी लाश के ऊपर से गुजर गई। उसके बाद नीलांचल एक्सप्रेस और फिर पद्मावत भी लाश को रौंदते हुए गुजरीं। बाद में गेटमैन पंकज की सूचना पर रेल प्रशासन सतर्क हुआ। इस बीच प्रतापगढ़ से चली पीआरएल पैसेंजर जगेशरगंज पहुंच गई। चालक को पता चला कि आगे लाश पड़ी है। उसने बिना लाश हटाए ट्रेन बढ़ाने से मना कर दिया। एसएम ने काफी दबाव बनाया, मगर वह राजी नहीं हुआ। देरी होते देख पैसेंजर के यात्री हंगामा करने लगे। उन्होंने एसएम को बुरा-भला कहा। इसके बाद एसएम ने अंतू पुलिस को इसकी सूचना दी। जगेशरगंज से एक पोर्टर को लाश हटाने के लिए भेजा गया। तब जाकर पैसेंजर करीब एक घंटे बाद आगे बढ़ी। मृत युवक की शिनाख्त नहीं हो सकी। चर्चा है कि वह कोई रेलकर्मी था।