कांशीराम कालोनी जोगापुर में शुक्रवार रात नाना समेत तीन मासूम आग से जिंदा जल मरे। जानकारी होने पर कॉलोनी में सनसनी फैल गई। फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर सुलग रही आग बुझाई। पुलिस का दावा है कि मच्छर के लिए जलाई गई क्वाइल से लगी आग ही घटना का कारण बनी। लेकिन पुलिस का दावा लोगों के गले नहीं उतर रहा है।
पट्टी कोतवाली के नेवादा निवासी मन्नीलाल (70) भिक्षा मांगकर परिवार का गुजर बसर करता था। करीब पंद्रह दिन पहले वह अपनी बेटी सहरुल के बच्चों के साथ कांशीराम कालोनी जोगापुर में नसीमा बानो के ब्लाक नं. 36 के कमरा नं. 422 में रहने के लिए आया था। शुक्रवार को वह अपनी नातिन इतबारी निशा (10), सोनू (08) व मोनू (03) के साथ कमरे में सो रहा था।
मच्छरों से बचने के लिए मन्नीलाल ने क्वाइल सुलगाकर भीतर से दरवाजा बंद कर लिया। रात में उसकी बड़ी नातिन रोशनी अपनी मां के साथ पहुंची लेकिन मन्नीलाल ने उसे कमरे में घुसने नहीं दिया। इससे रोशनी पड़ोसी शहाना के कमरा नंबर 421 मेें रुक गई। शनिवार सुबह रोशनी सोकर उठी तो अपने नाना और बहन भाई को उठाने के लिए कमरे के बाहर से आवाज देने लगी। दरवाजा भीतर से बंद था और अंदर से कोई हलचल नहीं हो रही थी। इससे परेशान होकर रोशनी से पड़ोसियों को आवाज देकर बुला लिया। इस बीच लोगों ने खिड़की तोड़कर दरवाजा खोला तो भीतर वाले कमरे से धुआं उठता दिखा। लोगों ने दरवाजे को धक्का देकर खोला तो भीतर आग सुलगती देख शोर मचाया। एक साथ मासूम बच्चों समेत चार लोगों की लाश देख कालोनी में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर फायरब्रिगेड मौके पर पहुंची और आग बुझाई। इस बीच सीओ सिटी एमपी सलोनिया, शहर कोतवाल बलिराम मिश्रा, भंगवा चुंगी चौकी प्रभारी एसएम कासिम समेत दूसरे पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। घटना की छानबीन करने के बाद शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस बाबत सीओ सिटी एमपी सलोनिया ने बताया कि कमरे में मच्छर भगाने के लिए क्वाइल जलाकर रखी हुई थी। पूरे कमरे में धुआं भरने के कारण बच्चे अर्धबेहोशी की अवस्था में आ गए होंगे। क्वाइल के इर्द-गिर्द कपड़ा रहा होगा जो सुलगकर आग का रूप धारण कर लिया और जलने से उन चारों की मौत हो गई।
जोगापुर कालोनी में मन्नीलाल व मासूम बच्चों के शव के साथ ही पूरी गृहस्थी के सामान जल गए थे। कमरे में ही एक चारपाई और खाने पीने के सामान के साथ भिक्षाटन से जुटाए गए रुपए भी रखे थे। सुबह आग से सुलग रहे अनाज और शवों को फायरब्रिगेड के जवानों ने बुझाया। मगर एक सामान सबको परेशान किए है कि कमरे के भीतर केरोसिन का खाली पड़ा डिब्बा और कुछ दूसरे सामान उसी तरह पड़े थे। उनको आग ने छुआ तक नहीं था।
जोगापुर कॉलोनी में एक साथ चार लोगों के जलने की खबरें जब आम हुईं तो पूरे प्रदेश की नजरें बेल्हा पर टिक गईं। मामले को गंभीरता से लेते हुए शनिवार दोपहर सूबे के डीजीपी ने घटना की जानकारी तलब की। पुलिस विभाग के आला अधिकारियों ने सिलसिलेवार पूरे प्रकरण से उन्हें अवगत कराया।