कोहड़ौर के नरहरपुर स्थित प्राचीन शिवमंदिर से लाखों रुपये के कीमत की अष्टधातु की मूर्ति चुराने वाले छह लोगों को पुलिस ने दबोच लिया। उनके पास से चोरी की150 सौ साल पुरानी कई प्रतिमाएं बरामद हुईं। बाजार में मूर्ति की कीमत 15 से 20 लाख रुपये के बीच बताई जा रही है। पुलिस अधीक्षक ने सराहनीय कार्य करने वाले कोहड़ौर थानाध्यक्ष व उसकी टीम को पांच हजार रुपये से पुरुस्कृत किया है।
पुलिस अधीक्षक शगुन गौतम ने गुरुवार को बताया कि 6 जुलाई को नरहरपुर निवासी शिवबहादुर सिंह उर्फ लफोदी सिंह ने प्राचीन शिवमंदिर से अष्टधातु की देवी जी की मूर्ति चोरी होने की तहरीर दी। पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर चोरी करने वालों की तलाश शुरू कर दी। कोहड़ौर एसओ ने मुखबिरों की सूचना पर गुरुवार की सुबह चमरौरा नदी पुल के पास पांडेय महादेवन मंदिर घाट स्थित शंकर जी के मंदिर में बैठकर चुराई गई देवी प्रतिमा का सौदा करने वालों को दबोच लिया। पकड़े गए लोगों के पास से चुराई गई अष्टधातु की प्रतिमा बरामद हुई। जिसका वजन लगभग सवा किलो है। पकड़े गए प्रमोद कुमार पुत्र सुरेशचंद्र निवासी मौहरिया पूरबपट्टी थाना कोहड़ौर ने बताया कि वह लोहे की राड लेकर मंदिर में चोरी करने के लिए अपने साथी मनोज कुमार पुत्र अशोक निवासी माधोपुर चंद्रिकन के साथ गया था। जबकि मंदिर से कुछ दूर पर शिवम सिंह पुत्र गोविंद सिंह व पंकज सिंह पुत्र सुरेंद्र बहादुर सिंह निवासी भनईपुर पूरबपट्टी थाना कोहड़ौर रखवाली कर रहा था। प्रतिमा चुराने के बाद उसे बेचने के लिए खरीदार की तलाश होने लगी। बाद में नगर कोतवाली के करनपुर निवासी उत्तम सिंह पुत्र प्रभाशंकर सिंह और मनोज कुमार पुत्र अशोक निवासी माधोपुर चंद्रिकन थाना अंतू से प्रतिमा खरीदने का सौदा तय हुआ था। चुराई गई मूर्ति सात लाख रुपये तक बेचने का सौदा तय हो चुका था। इस बीच पुलिस ने सभी को धर दबोचा। पकड़े गए उपरोक्त लोगों को पुलिस ने जेल भेज दिया। इस मौके पर एएसपी पूर्वी राजकुमार अग्रवाल, सीओ सिटी सुधीर कुमार मौजूद थे।