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दूसरे दिन उपद्रवियों ने किया हंगामा

Fri, 10 Apr 2015 12:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला प्रतापगढ़
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प्रतापगढ़। सेना भर्ती के अभ्यर्थियों में शामिल कुछ उपद्रवियों ने दूसरे दिन गुरुवार को भी ट्रेन और स्टेशन में जमकर हंगामा काटा। पद्मावत और काशी विश्वनाथ में भी जमकर हंगामा किया। जगह-जगह पथराव, यात्रियों से मारपीट और गाली गलौच की।
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रायबरेली में सेना की भर्ती चल रही है। गुरुवार को इलाहाबाद जिले की भर्ती थी। भर्ती से घर लौट रहे हजारों अभ्यर्थियों ने पीआरएल पैसेंजर और पंजाब मेल ट्रेन पर कब्जा कर लिया। उपद्रवी तत्वों ने सीट को लेकर यात्रियों से मारपीट की और पथराव किया। रास्ते भर लोग हंगामा करते रहे। प्रतापगढ़ पहले पहुंची पंजाब मेल से उतरे इलाहाबाद के सैकड़ों अभ्यर्थियों से प्लेटफार्म भर गया। उस समय तक कोतवाली पुलिस स्टेशन पर रही। उसके बाद चली गई। पुलिस के जाने के करीब चार घंटे बाद हजारों की भीड़ लेकर पीआरएल पहुंच गई।

 यहां पर पंजाब मेल से उतरी भीड़ में इसमें चढ़ने लगी। अंदर न घुस पाये तो बवाल करना शुरू कर दिए। लोगों ने इंजन पर भी कब्जा कर लिया। पर्याप्त फोर्स न होने के कारण भीड़ को संभालना चंद पुलिस कर्मियों के लिए मुश्किल हो गया। पुलिस वाले इंजन पर से भीड़ को उतार नहीं सके।
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जीआरपी के दो और आरपीएफ के सिपाही इनसे मोर्चा लेने में असमर्थ रहे। हालांकि सिपाहियों ने कोशिश की मगर हर बार लड़के हुड़दंग मचाते हुए इंजन पर चढ़ जाते। उपद्रवी तत्वों ने प्लेटफार्म पर कई बार चेन पुलिंग की। आरपीएफ वाले देखते रहे। उनको रोकने का साहस नहीं जुटा सके। फिलहाल किसी तरह से पीआरएल यहां से रवाना हो सकी। भर्ती में जाने वाले अभ्यर्थी भी हंगामा करने से बाज नहीं आए। काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस और पद्मावत में सीट को लेकर जमकर बवाल किया। यात्री चढ़ नहीं पाये तो शौचालय की खिड़की से अंदर दाखिल हुए। अंदर जाने के बाद इन लोगों ने मारपीट तक की। यात्रियों ने इसकी शिकायत पुलिस वालों से की मगर कोई लाभ नहीं हुआ। हंगामा और भीड़ के कारण कई लोगों ने अपनी यात्राएं रद्द कर दी।

रेलवे सेना भर्ती को हल्के में लेने की भूल कर रहा है। दो दिन से सेना भर्ती के अभ्यर्थियों ने रेलवे की व्यवस्था को फेल कर रखा है। 15 अप्रैल तक क्या होगा। यह सोचकर लोग परेशान हो रहे हैं। लखनऊ की ओर जाने और उधर से आने वाली गाड़ियों के यात्री इसको लेकर डरे हुए हैं। इस बारे में एसएस केएन शर्मा का कहना है कि जीआरपी और आरपीएफ को चाहिए कि वह यात्रियों की मदद करे।
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