राज्य विश्वविद्यालय इलाहाबाद की सोमवार से शुरू हुई परीक्षा के पहले ही दिन जबरदस्त अव्यवस्था का आलम रहा। सुबह सात बजे से परीक्षा शुरू होनी थी, लेकिन नौ बजे के बाद परीक्षा केंद्रों पर पेपर पहुंचा। इससे नाराज परीक्षार्थियों ने जमकर हंगामा किया। कुलपति और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़क जाम कर दी। शिक्षकों व अभिभावकों ने भी विरोध जताते हुए परीक्षा को निरस्त करने की मांग की। कई कालेजों में पेपर आउट होने का आरोप लगाते हुए परीक्षार्थियों ने परीक्षा का बहिष्कार कर दिया। केंद्राध्यक्षों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने परीक्षार्थियों को किसी तरह शांत कराया।
राज्य विश्वविद्यालय इलाहाबाद की परीक्षाएं सोमवार से शुरू हुईं। पहले दिन बीए हिंदी प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा सुबह 7 बजे से 10 बजे तक होनी थी। जिले में बनाए गए 11 नोडल केंद्रों पर सुबह करीब 9 बजे तक प्रश्नपत्र नहीं पहुंच सका। वहीं परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों की जांच पड़ताल कर उन्हें परीक्षा कक्ष में बैठा दिया गया। घंटों इंतजार करने के बाद भी जब प्रश्नपत्र नहीं मिला तो केंद्राध्यक्षों के साथ ड्यूटी कर रहे शिक्षक भी परेशान हो गए। पूछने पर मालूम हुआ कि प्रश्नपत्र आया ही नहीं हैं। आठ बजे के बाद भी जब पेपर नहीं मिली तो परीक्षार्थियों का गुस्सा फूट पड़ा।
वह परीक्षा केंद्रों से बाहर निकल आए और हंगामा करना शुरू कर दिया। शहर में एमडीपीजी कालेज के बाहर परीक्षार्थियों ने कुलपति मुर्दाबाद, राज्य विश्वविद्यालय मुर्दाबाद का नारा लगाते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया। बाद में इलाहाबाद-फैजाबाद हाइवे पर जाम लगा दिया। जिससे काफी देर तक आवागमन बाधित रहा। विश्वविद्यालय पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शिक्षकों और अभिभावकों ने भी परीक्षा केंद्रों पर विरोध जताया और विश्वविद्यालय प्रशासन से शिकायत कर परीक्षा निरस्त करने की मांग करने लगे। अभिभावकों और छात्रों को आक्रोशित देख परीक्षा केंद्र से पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने छात्रों, अभिभावकों को शांत कराकर परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र के अंदर भेजा। 9 बजे के बाद सभी नोडल केंद्रों पर प्रश्नपत्र और उत्तरपुस्तिकाएं पहुंचाई गईं। उसके बाद संबंधित नोडल केंद्रों से परीक्षा केंद्रों से आए लोगों ने प्रश्नपत्र प्राप्त किया। इस बीच विश्वविद्यालय के कुलसचिव परीक्षा का समय बढ़ाते रहे। कापी-पेपर मिलने के बाद नोडल केंद्रों और नजदीक के परीक्षा केंद्रों पर परीक्षाएं शुरू हो गईं। लेकिन दूर के कई परीक्षा केंद्राें पर 11 बजे के बाद परीक्षाएं शुरू हो पाईं। इधर, पेपर आउट होने का आरोप लगाते हुए पट्टी इलाके के एक केंद्र से 68 परीक्षार्थियों ने परीक्षा का बहिष्कार कर दिया। कई और केंद्रों पर भी परीक्षार्थियों के परीक्षा छोड़ने की खबर है।
कई बार बदला गया परीक्षा का समय
राज्य विश्वविद्यालय इलाहाबाद ने जब प्रश्नपत्र भेजने में देर की तो परीक्षा का समय सुबह 7 बजे से बढ़ाकर 8.30 कर दिया गया। 9 बजे तक भी परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्र न पहुंचने पर परीक्षा शुरू होने का समय 9.30 कर दिया गया। इसकी सूचना विश्वविद्यालय प्रशासन परीक्षा केंद्रों के लॉगिन पर देता रहा।
शहर से लेकर गांव तक परीक्षार्थियों का हंगामा
इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय की परीक्षा के लिए जिले में कुल 87 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। शहर से ग्रामीण इलाकों में बने परीक्षा केंद्रों पर समय से प्रश्नपत्र न पहुंचने पर लगभग हर जगह परीक्षार्थियों ने हंगामा किया। एमडीपीजी कालेज के सामने परीक्षार्थियों ने सडक़ जाम कर दी। इसी तरह पीबीपीजी कालेज सिटी प्रतापगढ़, सरयू इंद्रा महाविद्यालय संग्रामगढ़, बाबा सर्वजीत गिरि महाविद्यालय कटरागुलाब सिंह, पीजी कालेज पट्टी, रूमा महाविद्यालय गोबरी, सरयू देवी महाविद्यालय महोखरी, कुंती देवी महाविद्यालय सहित जिले के सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों ने हंगामा किया। पुलिस के पहुंचने के बाद भी परीक्षार्थी नारेबाजी करते रहे।
नहीं भेजा केमेस्ट्री का पेपर, फोटो स्टेट प्रश्नपत्र से छात्रों ने दी परीक्षा
राज्य विश्वविद्यालय की पहली पारी की परीक्षा में बीए हिंदी और बीएससी रसायन विज्ञान का पेपर था। बहादुर डिग्री कालेज कुंडा में पेपर बाक्स से केमेस्ट्री का पेपर ही गायब रहा। केंद्र के शिक्षकों का कहना है कि पेपर बाक्स में हिंदी और केमेस्ट्री का पेपर होना चाहिए था, लेकिन पेपर बाक्स खोलने पर सिर्फ हिंदी का पेपर मिला। जबकि बाक्स के ऊपर केमेस्ट्री पेपर का भी कैच नंबर लिखा था। आनन-फानन में विश्वविद्यालय को सूचित कर प्राप्त प्रश्नपत्र का फोटो स्टेट कराकर परीक्षा कराई गई। इसी तरह अजीजुल निशा डिग्री कालेज दरियापुर रानीगंज में भी पेपर बाक्स से केमेस्ट्री के प्रश्नपत्र गायब रहे। केंद्राध्यक्ष ने नोडल केंद्र से शिकायत कर प्रश्नपत्र प्राप्त किया। यही हाल लगभग कई कालेजों का रहा। पीजी कालेज पट्टी में परीक्षा दे रहे बीए के छात्र रायपुर निवासी ज्ञानेंद्र पटेल पुत्र राजकुमार पटेल ने बताया कि परीक्षा देर से शुरू हुई, लेकिन परीक्षार्थियों को तीन घंटे का समय नहीं दिया गया। पौने दो घंटे में ही उत्तर पुस्तिकाएं छीन ली गईं।
सोमवार को परीक्षा के पहले दिन जो भी स्थिति थी, वह छात्र, शिक्षक व विश्वविद्यालय के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। परीक्षा की तैयारी पूरी न होने के कारण ऐसा हुआ। परीक्षाएं टाली भी जा सकती थीं। अलग-अलग समय पर परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्र के बंडल खोले गए। ऐसे में लोगों के पास पेपर आउट करने का पूरा अवसर था। शिक्षक संघ ने परीक्षा निरस्त करने की मांग की है।
डॉ. प्रदीप सिंह, अध्यक्ष, विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक संघ।
पेपर आउट होने की बात पूरी तरह से गलत है। फूलपुर उपचुनाव के कारण इलाहाबाद में आवागमन पूरी तरह से बाधित था। जिस वजह से समय से प्रश्नपत्र नोडल केंद्रों पर नहीं पहुंच सके। हालांकि स्थिति को देखते हुए परीक्षा का समय बढ़ा दिया गया। जिससे परीक्षा केंद्र पर परेशानी न हो।
प्रो. राजेंद्र प्रसाद, कुलपति, राज्य विश्वविद्यालय, इलाहाबाद।
एबीवीपी ने फूंका कुलपति का पुतला
प्रतापगढ़। परीक्षा केंद्रों पर समय से प्रश्नपत्र न पहुंचने पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने एमडीपीजी कालेज के सामने राज्य विश्वविद्यालय इलाहाबाद के कुलपति का पुतला फूंका। जिला संयोजक विवेक पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालय की व्यवस्था की पोल खुल चुकी है। जिस तरह से केंद्रों पर प्रश्नपत्र अलग-अलग समय पर छात्रों को बांटे गए, उससे नकलविहीन परीक्षा कराने के दावों की धज्जियां उड़ गईं। कार्यकर्ताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने के साथ हिंदी प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा निरस्त करने की मांग की। इस मौके पर शिवम पांडेय, प्रवीण शुक्ला, आकाश सिंह, अर्पित तिवारी, बादल, शुभम, शिवम सिंह, सुधांशु रंजन, संदीप पांडेय, धीरज यादव मौजूद रहे।