पूरे सहाय गांव के करीब शारदा सहायक मड़ियाहू के करीब शनिवार की रात युवक की गोली मारकर हत्या करने के बाद शव को नहर में फेंक दिया गया। रविवार की सुबह नहर में उसका शव मिलने से सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने लाश की शिनाख्त का प्रयास करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के पैंट की जेब से 6 कारतूस व घटनास्थल से तीन खोखे बरामद हुए। कुछ ही देर में शव की शिनाख्त नगर कोतवाली के टेऊंगा के रहने वाले महेेंद्र सरोज के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक वह शातिर अपराधी था। बवाल की आशंका को देखते हुए गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
रानीगंज थाना क्षेत्र के पूरे सहाय गांव से शारदा सहायक मड़ियाहू नहर गुजरी है। ग्रामीणों की मानें तो शनिवार की रात तकरीबन साढ़े आठ बजे नहर की ओर तीन फायर की आवाज सुनाई पड़ी। लोगों ने आवाज सुनी, लेकिन इससे अनजान रहे कि किसी की हत्या की गई है। कुछ देर बाद वहां से दो बाइक आगे की ओर चली गईं। रविवार की सुबह गांव के लोग नहर की ओर आए तो देखा कि अज्ञात 25 वर्षीय युवक का शव नहर में पड़ा था। कुछ दूरी पर खून के छीटे भी पड़े थे और घसीटने के निशान भी मिले। मौके पर तीन खोखे गिरे थे। शव को करीब से देखने पर पता चला कि गोली मारकर हत्या की गई थी। घटना की सूचना लोगों ने पुलिस को दी। आनन-फानन में भागकर पुलिस मौके पर पहुंची।
पुलिस ने युवक के शव को ग्रामीणों की मदद से बाहर निकाला। तलाशी ली तो पैंट की जेब से 6 कारतूस मिले। तीन खोखों को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया। शिनाख्त न होने पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कुछ ही देर में शव की शिनाख्त नगर कोतवाली के टेऊंगा निवासी महेंद्र सरोज पुत्र रामपाल सरोज के रूप में हुई। यह खबर मिलते ही परिजन रोते बिलखते मर्चरी पहुंचे। शव देखते ही लोग दहाड़े मारकर रोने लगे। बवाल की आशंका में कोतवाली पुलिस, महिला एसओ संग कई चौकी प्रभारी टेऊंगा पहुंच गए। देर शाम पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा। करुण क्रंदन से माहौल गमगीन हो उठा। रानीगंज थानाध्यक्ष ने बताया कि महेंद्र की हत्या को लेकर हर बिंदुओं पर छानबीन की जा रही है। मोबाइल की काल डिटेल से मदद मिल सकती है।
रानीगंज के पूरे सहाय में रविवार की सुबह युवक का शव मिलने के बाद पुलिस ने अज्ञात के रूप में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जबकि उसकी शिनाख्त हो गई थी। पुलिसकर्मी पेपर लेकर अस्पताल पहुंचा। जहां पहचान होने के बाद पंचायतनामा अज्ञात में भरा होने के कारण पोस्टमार्टम में दिक्कत आने लगी। इसे लेकर परिजन पुलिसकर्मी के साथ फिर रानीगंज गए। हालांकि वहां से फिर लोगों को लौटा दिया गया कि वे लोग पहले शव का पीएम कराएं।
पोस्टमार्टम हाउस पर महेंद्र के पिता रामपाल बिलख पड़े। रोते हुए कहने लगे कि महेंद्र कहना नाही मानने, घरे कय लोग धन दौलत नाही चाहत रहेन। जोन कुछू रहा , उही मा गुजर बसर होइय जात रहा। पिता की बातें सुन छोटा भाई भी अपना आंसू नहीं रोक सका। महेंद्र का बड़ा भाई मुंबई में परिवार के साथ रहता है।
टेऊंगा निवासी महेंद्र सरोज दबंग किस्म का था। आसपास के गांवों में उसकी तूती बोलती थी। नगर कोतवाल सुनील कुमार सिंह ने बताया कि महेंद्र के ऊपर चार मुकदमे दर्ज हैं। जिसमें दो लूट और, मारपीट, जानलेवा धमकी के मामले शामिल हैं। पुलिस को उसकी तलाश रहती थी, लेकिन वह मिल नहीं रहा था।
घर से लेकर अस्पताल तक इस बात की चर्चा रही कि महेंद्र शुक्रवार की रात कहां रुका था। पिता ने बताया कि महेंद्र शुक्रवार की सुबह घर से बिना बताए निकला था। फिर लौटकर घर नहीं आया। ससुराल भी वह नहीं गया। वह शुक्रवार की रात किसके यहां रुका था। शनिवार की सुबह फिर लौट आया था। परिवार के लोगों की मानें तो वह कहां जाता था, इसके बारे में किसी को कुछ नहीं बताता था।
टेऊंगा निवासी विक्की की गांव के करीब ही मोबाइल की दुकान है। उसकी मानें तो शनिवार को करीब दस बजे महेंद्र उसके पास अपनी अपाचे बाइक खड़ी करने के बाद राजगढ़ के रहने वाले बब्बू सरोज के साथ निकला था। गांव के लोगों की मानें तो शाम को महेंद्र बब्बू के साथ ही बबुरहा में भी दिखा था। रविवार को बब्बू की तलाश होने लगी तो वह घर पर नहीं मिला। उसका मोबाइल भी बंद था। हत्यारे महेंद्र का मोबाइल भी अपने साथ ले गए।
महेंद्र सरोज की शादी 13 अप्रैल 2016 को हुई थी। परिजनों की मानें तो पत्नी मोनी को वह बुधवार की शाम घर से लेकर निकला। उसे बिबियापुर नौबस्ता ससुराल पहुंचाने के बाद वहां से चला आया। मोनी शनिवार को उससे बात करने के लिए परेशान थी लेकिन उसका मोबाइल बंद होने के कारण बात नहीं हो सकी।