लालगंज कोतवाली के खरगपुर में नाली के विवाद में डॉक्टर समेत तीन लोगों को गोली मारने का आरोपी बीएसएफ का बर्खास्त सिपाही है। ड्यूटी के दौरान उसने अपने अफसर पर फायर कर दिया था। जिसके चलते उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था। वह 1993 से अपने घर आकर रहता था।
खरगपुर निवासी राजकरन मिश्र पेशे से डॉक्टर हैं। सोमवार को नाली के विवाद को लेकर पड़ोसी अवध नारायण मिश्र व उसके परिवार के लोगों ने उसे गोली मार दी। बचाने दौड़ी पत्नी संतोष और बड़े भाई श्यामकरन मिश्र को भी हमलावरों ने गोली मार दी। सभी को डॉ क्टरों ने इलाज के लिए इलाहाबाद भेज दिया गया। जहां डाक्टरों ने आपरेशन कर राजकरन व उसकी पत्नी संतोष को लगी गोली निकाल दी। श्यामकरन की गोली अभी नहीं निकल सकी है। लालगंज कोतवाल ने बताया कि गोली मारने का आरोपी अवध नारायण मिश्र बीएसएफ का बर्खास्त सिपाही है। वह नौकरी के दौरान अपने अफसरों से विवाद कर वाहन से कुचलने का प्रयास किया था। जिसके चलते विभाग ने उसका कोर्ट मार्शल कर दिया। वहां से छूटा तो वह भाग निकला।
6 माह बाद में विभाग ने कार्रवाई शुरू की तो वह फिर नौकरी करने पहुंचा। जहां आरोप है कि उसने किसी बात को लेकर अपने अफसर पर फायर झोंक दिया। गोली अधिकारी को नहीं लगी लेकिन इसे विभाग के आला अधिकारियों ने नौकरी से बर्खास्त कर दिया था। इसके चलते 1993 से वह आकर अपने घर रहने लगा। यहां भी उसकी नाक पर ही गुस्सा रहता था। आए दिन किसी ने किसी से उसका पंगा होता रहा लेकिन गांव के मामले के नाते कोई पुलिस तक शिकायत नहीं किया। पुलिस सभी हमलावरों की तलाश कर रही है। वे अपने रिश्तेदारियों में भी नही हैं। गांव का माहौल पूरी तरह सामान्य है।