आसपुर देवसरा इलाके के गोविंदपुर गांव निवासी तेइस वर्षीय विवाहिता ने मामूली विवाद के बाद कमरा बंदकर खुद को आग के हवाले कर दिया। कमरे से धुआं उठते देख परिजन व पड़ोसी मौके पर आए। कुल्हाड़ी से दरवाजा तोड़कर लोग भीतर घुसे तो उसकी मौत हो चुकी थी। गोंविंदपुर निवासी सालिकराम वर्मा का विवाह मई 2014 में कोतवाली पट्टी के सपहा निवासी रामसुख की बेटी रेनू से हुआ था। शादी के बाद दंपति को एक बेटी हुई। सालिकराम अभी माह भर पहले ही परदेस से घर आया था। सोमवार को वह सुबह दस बजे खेत जुतवाने चला गया। रेनू रसोई में खाना बना रही थी। उसने दुंधमुंही बच्ची को बाहर लेटाकर दरवाजा भीतर से बंद कर खुद को आग के हवाले कर दिया। कमरे से धुआं निकलते देखकर घर में हड़कंप मच गया। परिजनों समेत ग्रामीण भागकर मौके पर पहुंचे और दरवाजा कुल्हाड़ी से तोड़कर भीतर घुसे। देखा तो रेनू का जला शव पड़ा था। मृतका के मायके सूचना दी गई ता वहां से भी लोग आ गए। मायकेवालों ने घटना को हादसा मानकर कार्रवाई से इनकार कर दिया। इस पर पुलिस ने पंचनामा कर शव परिजनों के हवाले कर दिया।