इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापारी के बीटेक इंजीनियर बेटे ने शनिवार की सुबह पिता की लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली से उड़ा लिया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने रिवॉल्वर को कब्जे में लेने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिवार के लोगों का कहना है कि नौकरी न मिलने के कारण तनाव में आकर उसने आत्मघाती कदम उठा लिया।
नगर कोतवाली के सीताराम गली स्टेशन रोड निवासी हिमांशू उर्फ हंसू शर्मा (24) पुत्र मधुकर शर्मा शनिवार की सुबह सोकर उठा। उसे पिता के साथ कहीं बाहर जाना था। वह तैयार होने लगा। लगभग सात बजे बाथरूम से फायर की आवाज सुन लोग दौड़ पड़े। देखा तो हंसू खून से लथपथ गिरा पड़ा था। उसकी दाहिनी कनपटी पर लगी गोली बायीं ओर बाहर निकल गई थी। बाथरूम में ही मधुकर शर्मा की लाइसेंसी रिवाल्वर गिरी थी। शोर शराबा सुनकर आसपास पहुंचे लोगों की मदद से उसे जिला अस्पताल लाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह सुनते ही परिजन रोने बिलखने लगे।
पिता मधुकर शर्मा बदहवास हो गए। घटना की जानकारी मिलने पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने रिवॉल्वर को कब्जे मेें ले लिया। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। खबर मिलते बड़ी संख्या में व्यापारी व शहरी अस्पताल पहुंच गए। बताते हैं कि मधुकर शर्मा की बाबागंज में मधु इलेक्ट्रॉनिक्स के नाम से दुकान है। वह ज्यादातर सरकारी ठेकेदारी का काम करते हैं। बड़ा बेटा आदित्य शर्मा बंगलूरू में किसी कंपनी में काम करता है। नगर कोतवाल ने बताया कि परिजन नौकरी न मिलने के कारण डिप्रेशन में आत्महत्या करने की बात बता रहे हैं। मामले की तहकीकात की जा रही है।
स्टेशन रोड निवासी व्यापारी मधुकर शर्मा के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा बंगलूरू में रहता है। दूसरा बेटा हिमांशू उर्फ हंसू शर्मा बीटेक करने के बाद नौकरी के लिए भागदौड़ कर रहा था। नौकरी न मिलने पर कौशल विकास प्रशिक्षण योजना आवास पर ही संचालित कर रखा था, लेकिन उसे नौकरी की चिंता हमेशा रहती थी। परिजनों की मानें तो वह नौकरी के लिए बराबर प्राइवेट कंपनियों और सरकारी विभागों में आवेदन करता रहता था। जिसके चलते वह तनाव में रहता था। परिजन उसका उपचार इलाहाबाद में डॉ. पंकज गुप्ता से इलाज करा रहे थे। अभी बड़े भाई की भी शादी नहीं हुई है।
स्टेशन रोड सीताराम गली में रहने वाले मधुकर शर्मा शनिवार अपने बेटे हिमांशू शर्मा उर्फ हंसू के साथ किसी काम से बाहर जाने की तैयारी में थे। इसके लिए परिजनों ने हंसू को भी उठाया। पड़ोसियों की मानें तो सुबह साढ़े 6 बजे के करीब उनके घर से शोरशराबे की आवाज सुनाई पड़ी, लेकिन कुछ ही देर में खामोशी छा गई। बाद में घर से फायर की आवाज सुनकर लोग दंग रह गए।
स्टेशन रोड सीताराम गली निवासी हिमांशू उर्फ हंसू शर्मा के इस कदम से हर कोई हैरत में है। शांत स्वभाव के हंसू ने बीटेक किया था। वह नौकरी की तलाश में था। पिता उसे व्यस्त रहने के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण योजना का पंजीकरण करा दिए। ताकि हंसू उसी में व्यस्त रहे, लेकिन वह नौकरी के लिए अधिक चिंतित रहता था। शनिवार को उसके इस कदम से परिवार के साथ ही आसपास के लोग भी हैरत में पड़ गए। किसी को अंदाजा नहीं था कि हंसू यह कदम भी उठा सकता है।