पड़ोसी द्वारा मुकदमा दर्ज कराए जाने से क्षुब्ध सपा नेता अमित सिंह ने शनिवार को पुलिस लाइन में आत्मदाह की कोशिश की। इससे आईजी की बैठक में शामिल होने आए पुलिस अधिकारियों के होश उड़ गए। पुलिस ने उसे दबोचकर कोतवाली की हवालात में डाल दिया। सपा नेता ने कहा प्रदेश के एक मंत्री के इशारे पर पुलिस उसके खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज कर रही है। पुलिस विरोधियों से मिलकर उसकी और उसके परिवार के लोगों की हत्या भी करा सकती है।
मानधाता थाना क्षेत्र के सतैसा निवासी अमित सिंह लोहिया वाहिनी के विशेष आमंत्रित सदस्य हैं। शुक्रवार को उनके खिलाफ नगर कोतवाली में पड़ोसी राजकुमार ने मुकदमा दर्ज कराया था।
इसके पूर्व मानधाता थाने में भी विरोधी पक्ष के लोगों ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मुकदमे की जानकारी होने पर अमित सिंह शनिवार शाम पुलिस लाइन पहुंचे। उसने अपनी स्कार्पियो में रखी पेट्रोल से भरी एक लीटर की बोतल निकाली और शरीर पर छिड़कने लगा। उसकी मंशा भांप आईजी के आने का इंतजार कर रहे पुलिसकर्मी उसे पकड़ने के लिए दौड़ पड़े। आग लगाने के पहले ही पुलिसकर्मियों ने उसे दबोच लिया। पेट्रोल की बोतल और माचिस छीन ली। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसके कपड़े फाड़ डाले और पिटाई भी की। शहर कोतवाल सपा नेता को हिरासत में लेकर कोतवाली पहुंचे। लिखापढ़ी के बाद उसका मेडिकल कराया और कोतवाली के लॉकअप में डाल दिया। इसके चलते पुलिस लाइन से लेकर नगर कोतवाली तक गर्माहट दिखी।
सपा नेता अमित सिंह ने बताया कि उसके व परिवार के लोगों पर फर्जी तरीके से पुलिस मुकदमा दर्ज कर रही है। इस मामले को लेकर शनिवार को वह आईजी जोन बृजभूषण से मिलने इलाहाबाद गया था। प्रार्थना पत्र देकर पुलिसिया उत्पीड़न की शिकायत भी की थी लेकिन रास्ते में ही पता चला कि पुलिस उसके ऊपर कई और मुकदमा दर्ज करने की तैयारी में है। गैंगेस्टर भी लगा सकती है। इससे दुखी होकर वह आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर हुआ।