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दहशत खत्म, आधी रात के बाद पकड़ा गया तेंदुआ

Sat, 11 Nov 2017 11:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
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अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़ - फोटो : pratapgarah
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लंबी जद्दोजहद के बाद आखिरकार शुक्रवार आधी रात 12 बजे के बाद लखनऊ और कानपुर से आई टीमें बाघराय बाजार के एक घर में फंसे तेंदुए को कब्जे में ले सकीं। दरवाजे में छेद कर पहले ट्रैंकुलाइजर गन से उसे बेहोश किया गया। इसके बाद उसे पिंजरे में बंद करके प्रतापगढ़ ले जाया गया। तेंदुए को देखने के लिए भीड़ जुटी रही। लोगों को हटाने के लिए पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ीं। भगदड़ में एक दरोगा भी घायल हो गया। रात में तेंदुआ के पकड़े जाने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
बाघराय बाजार में शुक्रवार की दोपहर एक तेंदुआ आ गया। डंडे लेकर भगाने के लिए गए तीन लोगों पर उसने हमला बोल दिया। इससे वे गंभीर रूप से जख्मी हो गए। लोगों की भीड़ आते देख तेंदुआ पास के एक मकान में घुस गया। गैलरी में जाने के बाद वह फंस गया। सूचना पर शाम को प्रतापगढ़ से वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। उसने स्थिति देखने के बाद इसकी सूचना आला अधिकारियों को दी। डीएफओ के निर्देश पर लखनऊ और कानपुर से तेंदुआ पकडने के लिए टीम बुलाई गई। देर रात करीब 12 बजे टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद उसे पकड़ने की तैयारी शुरू हुई। पहले दरवाजे में तीन छेद किए गए। इसके बाद लखनऊ से आए डा. नासिर के निर्देश पर ट्रैंकुलाइजर गन से उसे बेहोश किया गया। हालांकि इस वार से बौखलाए तेंदुआ एक बार फिर हमलावर हो गया। वह काफी देर तक वह दरवाजे पर पंजे मारता रहा। इसके बाद धीरे से जमीन पर गिर गया। इसके बाद उसे जाल में बांधकर पिंजरे में डाल दिया गया और पिंजरे को मैजिक पर रखकर प्रतापगढ़ ले जाया गया। इस दौरान तेंदुए को देखने और उसक वीडियो बनाने के लिए भीड़ जमा रही। रेला इतना था कि दरोगा प्रेमपाल गाड़ी और लोगों के बीच दब गए। इससे उन्हें चोटें आईं। पुलिस ने लाठियां पटककर भीड़ को नियंत्रित किया।
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तेंदुए के चक्कर में पूरी जागता रहा बाघराय
तेंदुए के चक्कर में पूरी रात बाघराय के लोगों ने जागकर गुजारी। पकड़े जाने के पहले तो लोगों में उसका खौफ छाया रहा। बाघराय बाजार में अचानक आए तेंदुए के कारण शुक्रवार को पूरा दिन लोग सहमे रहे। रात के करीब 12 बजे उसे पकडने के लिए टीम आई तो लोगों ने उनकी कार्रवाई देखने के लिए उन्हें घेर लिया। हालांकि इस दौरान पुलिस भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास करती रही, लेकिन लोग बार-बार आ जा रहे थे। तेंदुए को पकडने की खबर जैसे ही बाजार में फैली भीड़ दोगुनी हो गई। पिंजरे में पहुंचने के बाद लोगों ने उसकी फोटो कैद करनी शुरू कर दी। हालत यह रही कि एक दरोगा को भी भीड़ की दौड़भाग में चोट लग गई। करीब एक बजे तेंदुए को वन विभाग और विटनेरी विभाग की टीम ने पकड़कर पिंजरे में डाला।
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एमपी के पठारी इलाके से आने का अनुमान
दिल्ली कैट फैमिली प्रजाति के तेंदुए एमपी के पठारी इलाकों में अधिकांश पाए जाते हैं। पहाड़ों के बीच खुला वातावरण इनके रहन-सहन के लिए अनुकूल माना जाता है। इसके अलावा विंध्य की पहाड़ियों में भी इसकी प्रजातियां पाई जाती हैं। इसके वहीं से भटककर आने का अनुमान लगाया जा रहा है। अपने खतरनाक पंजों से बाघराय के तीन लोगों को घायल करने और लंबी छलांग लगाने वाला तेंदुआ दिल्ली कैट फैमिली प्रजाति का है। यह नर तेंदुआ है। डीएफओ वाईपी शुक्ला ने बताया कि ये बेहद जोशीले और खूंखार किस्म के माने जाते हैं। यही वजह रही कि इसे काबू करने में इतना लंबा समय लग गया। खुले वातावरण में इस प्रजापति के तेंदुए पाए जाते हैं। तेंदुए को लखनऊ चिड़ियाघर में रखा जाएगा। यह ज्यादा समय तक चिलबिला वन विभाग की कस्टडी में नहीं रहेगा। वन विभाग की टीम राजधानी लखनऊ ले जाने की तैयारी में जुटी हुई है।
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