पट्टी/आसपुर देवसरा (ब्यूरो)। आशिक ने ही अपनी प्रेमिका को मामूली विवाद के बाद मौत के घाट उतार दिया था। यह खुलासा आरोपी विकास यादव की गिरफ्त में आने के बाद हुआ। पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में हत्यारोपी ने कबूला कि मृतक छात्रा के साथ उसका करीब तीन वर्ष से प्रेम प्रसंग चल रहा था।
देवसरा इलाके की छात्रा का शव शुक्रवार सुबह बनराही बाग में नग्न अवस्था में मिला था। ग्रामीण आशंका जता रहे थे कि छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म के पश्चात उसकी हत्या कर दी गई थी। मृतका की मां की तहरीर पर पुलिस ने पड़ोसी विकास यादव और उसके चार सहयोगियों के विरूद्ध मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी थी। शनिवार सुबह आरोपी विकास को पकड़कर पिटाई की खबर इलाकाई पुलिस को मिली। ढखवा बाजार पहुंची पुलिस ने आरोपी विकास को हिरासत में ले लिया।
एसपी बलिकरन सिंह यादव भी थाने में पहुंच गए। एसपी ने बताया कि हत्यारोपी विकास का मृतका से करीब तीन वर्ष से प्रेम प्रसंग चल रहा था। छात्रा को विकास ने मोबाइल खरीद कर दिया था। चार दिन पूर्व उनके बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। इसके चलते विकास ने उसे जंगल में बुलाकर मौत के घाट उतार दिया। हालांकि अभी भी छानबीन की जा रही है। बतादें कि शुक्रवार को ही पुलिस ने विकास के घर से खून लगी चप्पल और पैंट बरामद कर लिया था।
देवसरा इलाके में छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म के पश्चात हत्या की सूचना पर इलाके के लोगों में गुस्सा था। शायद यही कारण रहा कि शनिवार सुबह ढखवा बाजार में जब घटना में नामजद मुख्य आरोपी विकास यादव लोगों को दिखा तो लोग उस पर टूट पड़े। लोगों ने उसे पीट पीटकर लहूलुहान किया। देवसरा एसओ अखिलेश राय को हत्यारोपी विकास को लोगों से बचाकर छुड़ाने और थाने ले जाने में पसीने छूट गए। वहीं एसपी बलिकरन सिंह यादव के सामने उसने साफ कहा कि उसके बुलावे पर वह जंगल में पहुंची थी और उसने उसके पहुंचते ही उस पर चाकुओं से वार कर उसकी हत्या कर दी। शव वहीं छोड़कर वापस लौट आया। हालांकि विकास ने जिस चाकू से हत्या की थी उसे गांव के एक तालाब के पास से तथा मृतका का मोबाइल भी पुलिस ने बरामद कर लिया है।
गैंगरेप के पश्चात हत्या की शिकार हुई इंटर की छात्रा का अब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जा सका है। परिजनों को उसके पिता का मुंबई से आने का इंतजार है। शव का पीएम तो हो गया है, लेकिन परिजन उसका अंतिम संस्कार नहीं कर सके हैं।