पुरानी रंजिश को लेकर चली आ रही रार सोमवार को फिर जंग में बदल गई। मुकदमे की पैरवी से लौट रहे युवक को पहले रास्ते में पीटा। फिर घर पर धावा बोलकर प्रधान समर्थकों ने जमकर फायरिंग की और रिहायशी मकान को आग के हवाले कर दिया। गोलियों की तड़तड़ाहट से गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस के पहुंचने पर हमलावर भाग निकले। खबर भेजे जाने तक पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया था। आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
रानीगंज थाना क्षेत्र के बुढ़ौरा में आशिक अली व ग्राम प्रधान रिजवान के बीच काफी दिनों से रंजिश चली आ रही है। सोमवार को आशिक का बेटा अकील मुकदमे की पैरवी के लिए कचहरी आया था। दोपहर बाद वह बाइक से अपने घर लौट रहा था। उसका आरोप है कि प्रधान रिजवान पक्ष के सफारी सवार लोगों ने उसे चिरकुट्टी के पास रोक लिया। जहां उसके साथ मारपीट की गई। आसपास के लोगों के बीच-बचाव पर उसकी जान बची। वह किसी तरह अपने घर पहुंचा और परिवार के लोगों को आपबीती सुनाई। मामले की जानकारी होते ही परिवार के लोग आग बबूला हो गए। कुछ दूरी पर प्रधान रिजवान खड़ंजा का निर्माण करा रहे थे। अकील पक्ष के लोग वहां गए लेकिन कोई नहीं मिला। जिसके बाद काम बंद कराकर मजदूरों को वहां से भगा दिया। वे अभी घर लौट ही रहे थे कि प्रधान पक्ष के दर्जन भर लोग असलहों के साथ उसके घर पर धावा बोल दिए। जान बचाने के लिए सभी अपने घर में छिप गए। वे अकील के घर के बाहर फायरिंग करने लगे। जिसका विरोध शहनाज पत्नी जलील ने किया। हमलावरों ने उसे पीट दिया। इस दौरान आशिक के घर के बाहर रिहायशी छप्पर को आग के हवाले कर दिया। यह देख आशिक पक्ष के लोग भी बाहर निकले तो हमलावरों को भागना पड़ा। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। प्रकरण की जानकारी लेने के बाद पुलिस हमलावरों की तलाश करने लगी लेकिन कोई नहीं मिला। तनाव को देखते हुए रानीगंज एसओ भारी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि अभी तहरीर नहीं मिली है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।