संदिग्ध हालत में आग से जलकर एक छात्रा की मौत हो गई। बताया गया कि परीक्षा में पेपर खराब होने से वह काफी तनाव में रहती थी। सूचना के कई घंटे बाद पुलिस पहुंची। पुलिस के रवैये पर इलाके के लोगों में आक्रोश है।
नगर कोतवाली के राजगढ़ की रहने वाली सरिता (20) पुत्री लालमनि पाल इलाके के राजनारायण डिग्री कालेज में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। इस समय उसका पेपर चल रहा था। परिजनों के मुताबिक 3 मई को उसका पेपर खराब हो गया था। इससे वह काफी चिंतित रहती थी।
सोमवार की शाम परिवार के लोगों के साथ खाना खाने के बाद अपने कमरे में चली गई। वहां ढिबरी की रोशनी में वह कढ़ाई सीख रही थी। आधी रात को अचानक आग की लपटें देख और चीख सुनकर परिवार के लोग उस ओर दौड़े। सरिता चारों तरफ से आग से घिरी थी। किसी तरह परिजनों ने आग बुझाई। उसे अस्पताल ले जाने का प्रयास किया गया, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम गईं। यह देख लोग रोने बिलखने लगे।
मंगलवार की सुबह गांव के लोग उसके घर पर एकत्र हुए। प्रधानपति रामकुमार व पूर्व प्रधान अरविंद पाल ने भुपियामऊ चौकी प्रभारी का फोन मिलाया लेकिन उन्होंने रिसीव नहीं किया। इसके चलते कंट्रोल रूम को घटना की जानकारी दी गई। करीब 11 बजे शहर कोतवाल के साथ चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। परिजन ढिबरी की आग की चपेट में आने से सरिता की मौत बता रहे हैं। शहर कोतवाल बलिराम मिश्र ने बताया कि जलने से ही सरिता की मौत हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट होगा।
सरिता की जलने से हुई मौत की खबर के बाद पहुंची पुलिस उसकी मौत का कारण तलाशती रही। परिवार के लोगों से मोबाइल नंबर लेने के बाद उसकी पुस्तकों को पुलिस खंगालती रही। हालांकि परिवार के लोगों के साथ ही गांव के लोगों का मानना था कि ढिबरी जलती छोड़ वह सो गई और उसके गिरने से भड़की आग से हादसा हुआ। फिलहाल पुलिस हर बिंदू पर छानबीन कर रही है।