नगर कोतवाली के सियाराम कालोनी में छात्रा ने फांसी लगाकर जान दे दी। खाना खाने घर पहुंचा भाई फंदे से लटकती बहन को देख दंग रह गया। उसने शोर मचाया तो आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। सूचना मिलने पर पुलिस आ गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। छात्रा ने फांसी किस वजह से लगाई। इससे परिवार के लोग अनभिज्ञता जताते रहे।
सियाराम कालोनी निवासी अवधेश यादव की कई साल पहले मौत हो चुकी है। घर में उसका बेटा सुमित और बेटी वर्षा यादव (18) रहते थे। उसकी मां कुंडा में रहती थी। गुरुवार की सुबह दोस्त की शादी से लौटा सुमित नहा धोकर अपनी ड्यूटी पर चला गया। दोपहर में वह खाना खाने घर आया तो दंग रह गया। कमरे में फांसी के फंदे पर उसकी बहन की लाश झूल रही थी। उसने शोर मचाया तो आसपास के लोग दौड़ पड़े। लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। सुमित ने अपनी मां पूनम को मामले से अवगत कराया। खबर मिलने पर वह भी रोती बिलखती पहुंच गई। बड़ी बहन भी घर पहुंची। परिवार के लोगों के करुण क्रंदन से घर का माहौल गमगीन हो उठा। मौके पर पहुंची पुलिस छानबीन के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वर्षा संग्रामगढ़ स्थित वैष्णवी इंटर कालेज में कक्षा 12 की छात्रा थी। नगर कोतवाल ने बताया कि पति की मौत के बाद पूनम ने कुंडा में दूसरी शादी कर ली और वहीं रहने लगी। बच्चों का वह हाल लिया करती थी। फिलहाल वर्षा ने आत्महत्या क्यूं की। इस बात की छानबीन की जा रही है। उसकी मौत को लेकर मोहल्ले में चर्चाओं का बाजार गर्म था।