रानीगंज थाना क्षेत्र के रामदेव पट्टी गांव में बुधवार को बिना कार्ड के राशन न देने पर कोटेदार और प्रधान समर्थकों में भिड़ंत हो गई। दोनों तरफ से जमकर ईंट-पत्थर चले। मारपीट में दोनों पक्षों से आधा दर्जन लोग घायल हुए हैं। आक्रोशित ग्रामीणों ने कोटेदार और उसके परिजनों को घंटों बंधक बनाए रखा। पुलिस के आने पर हमलावर भाग निकले।
नवम्बर माह से कोटेदार व ग्रामीणों में तनातनी चली आ रही थी। खाद्यान्न वितरण व राशनकार्ड बनाने मेें अनियमितता की शिकायत भी की गई थी।
रामदेव पट्टी गांव का कोटेदार लालता प्रसाद बुधवार की सुबह खाद्यान्न वितरण कर रहा था। इस बीच प्रधान व उनके सर्मथक सरकारी दुकान पर आ पहुंचे। बताया जा रहा है कि प्रधान के पक्ष की आशा देवी पत्नी रामजतन के पास कार्ड नहीं था। उसने राशन देने के लिए कहा तो दुकानदार ने उसका हाथ पकड़कर पीछे धकेल दिया। कोटेदार के इस व्यवहार से ग्रामीण भड़क गए। मारपीट शुरू हो गई। दोनों तरफ से ईंट-पत्थर चलने लगे। लोगों का गुस्सा देखकर कोटेदार ने अपने घर का दरवाजा बंद कर लिया।
प्रधान व उनके सर्मथकों ने उसे घंटों बंधक बनाए रखा। मारपीट में मीना देवी (45) पत्नी लालता, चंदा देवी (20), शशीकला (16), लक्ष्मी (14), अजय कुमार (12), सचिन (8), सत्यम (8) को चोटें आई हैं। सूचना पर पुलिस पहुंची तो हमलावर चले गए। पुलिस ने घर के अंदर बंद कोटेदार और उसके परिजनों को बाहर निकाला। ग्रामीणेंा के भय से कोटेदार ने पुलिस से शिकायत नहीं की है। वहीं ग्रामीणों ने कोटेदार के खिलाफ उपजिलाधिकारी से शिकायत की है।