रानीगंज थाना क्षेत्र के कसेरुआ गांव में बुधवार रात विवाह के दौरान नकली गहनों को लेकर बखेड़ा हो गया। नकली जेवरात देख दुल्हन के परिजन भड़क गए। उन लोगों ने बीच में ही शादी का कार्यक्रम रोक दिया। बवाल होते देख बाराती भाग निकले। दूल्हे व उसके पिता को घरातियों ने बंधक बना लिया। जिसे लेकर गुरुवार दोपहर तक टकराव का माहौल बना रहा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह दोनों को आजाद कराया। तब जाकर वे घर जा सके।
कसेरुआ निवासी एक व्यक्ति की बेटी की बुधवार को बाघराय थाना क्षेत्र के मंडल भासो पूरे हरिकिशुन गांव से बारात आई थी। द्वारचार के बाद दूसरी रस्मों की अदायगी हो रही थी। इस दौरान दूल्हे के परिजन दुल्हन के लिए चढ़ावा लेकर घर के भीतर गए। जेवरात समेत कपड़े वगैरह दुल्हन के परिजनों को दिया। कुछ देर बाद घर की महिलाओं ने बताया कि दुल्हन को दिए गए जेवरात नकली हैं। यह सुनते ही बीच में ही शादी की रस्में रोक दी गईं। दुल्हन के परिजन दूल्हे के घरवालों पर धोखा देने का आरोप लगाते हुए भड़क गए और नाराजगी जताने लगे। बवाल होता देख बाराती वहां से भाग निकले। दुल्हन पक्ष के लोगों ने दूल्हा और उसके पिता को बंधक बना लिया। उनसे शादी के पहले हुए खर्च की भरपाई मांगने लगे। जिस पर उन्होंने असमर्थता जताई। इसे लेकर विवाद होता रहा। दुल्हन के परिजन शादी में हुए खर्च की भरपाई देने के बाद ही दोनों को छोड़ने की जिद पर अड़े थे। दोपहर में रानीगंज पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन के बाद बंधक बने दूल्हे व उसके पिता को आजाद कराया। इसके बाद वे अपने घर चले गए। हालांकि पुलिस के रवैए से ग्रामीणों में नाराजगी है।