गोली लगने से ईंट भट्ठा पर काम करने वाले मृत मुंशी के शव को अमेठी-प्रतापगढ़ मार्ग पर रखकर आक्रोशित ग्रामीणों ने जाम लगाते हुए पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता व एसओ अंतू के निलंबन की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन तीन घंटे तक चला। इस दौरान आवागमन पूरी तरह बाधित रहा। मौके पर पहुंचे एडीएम पुनीत शुक्ला व एएसपी पश्चिमी नीरज पांडेय ने ग्रामीणों की मांगों को पूरा करने का भरोसा दिया। तब जाकर जाम समाप्त हो सका।
अंतू थाना क्षेत्र के तारडीह निवासी विजय कुमार यादव शुकुलपुर स्थित ईंट-भट्ठे पर कई वर्षों से मुंशी का काम करता था। नौ मई की शाम ककरहा निवासी गुफरान को बोलेरो में संदिग्ध हालत में गोली लग गई थी। उसकी हालत गंभीर होने पर उसे इलाहाबाद एसआरएन में भर्ती कराया गया था। जहां इलाज के दौरान मंगलवार को उसकी मौत हो गई। खबर पर घर पहुंची तो परिजनों के साथ ग्रामीण अंतू पुलिस के रवैए से आक्रोशित हो उठे। बुधवार की सुबह मृतक मुंशी का शव लेकर ग्रामीण अमेठी-प्रतापगढ़ के गड़वारा तिराहे पर पहुंचे। जहां शव बीच सड़क में रखकर जाम लगा दिया। आक्रोशित ग्रामीण पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। उनका कहना था कि एसओ ने घटना के बाद लापरवाही बरती है। पहले तो पुलिस ने तहरीर लेकर पहुंचे परिजनों को डांटकर भगा दिया था। आरोपी से लेनदेन कर विजय के साथ हुई घटना को दबाने में एसओ लगे रहे। मृतक परिवार को मुआवजा, आवास, सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस व एसओ के निलंबन की मांग ग्रामीण कर रहे थे। सुबह सात बजे से लगा जाम दस बजे तक चलता रहा। मौके पर पहुंचे अपर जिलाधिकारी पुनीत शुक्ला, अपर पुलिस अधीक्षक नीरज पांडेय, सीओ सिटी शशी शेखर दीक्षित ने ग्रामीणों की मांग पूरी करने का भरोसा दिलाया। तब जाकर जाम समाप्त हो सका। बता दें कि पुलिस ने आरोपी गुफरान को पहले ही जेल भेज दिया। मृतक के शव के अंतिम संस्कार तक गांव में पुलिस बनी रही।