एफटीसी कोर्ट में पेशी से लौट रहे बंदी ने हाथ छुड़ाने के लिए सिपाही के हाथ पर ब्लेड से हमला कर दिया। पकड़ छूटते ही बंदी भागने लगा। लहूलुहान सिपाही ने हिम्मत नहीं छोड़ी और शोर मचाते हुए उसका पीछा करने लगा। सिपाही की शोर मचाने की आवाज सुनकर अधिवक्ता भी दौड़ पड़े और सिपाही ने बंदी को दबोच लिया।
जिला कारागार से सोमवार को दहेज के लिए विवाहिता को जान देने के लिए प्रताड़ित करने के आरोपी बंदी अयोध्या प्रसाद निवासी मानिकपुर को कोर्ट में पेशी पर दूसरे बंदियों के साथ लाया गया। दोपहर करीब 12:30 बजे शेषन लॉकअप से बंदी अयोध्या को सिपाही मोहम्मद शमशाद एफटीसी कोर्ट में पेश करने ले गया था। न्यायालय में पेशी के बाद आरक्षी शमशाद उसे लेकर लॉकअप में लौटने लगा। अचानक सिपाही के दाहिने हाथ पर अयोध्या ने ब्लेड से हमला कर दिया। ब्लेड लगते ही सिपाही जोर से चीख पड़ा। हाथ की पकड़ ढीली होते ही बंदी भागने लगा। यह देख लहूलुहान सिपाही हिम्मत नहीं हारा और भाग रहे बंदी का शोर मचाते हुए पीछा कर लिया। बंदी को भागता देख अधिवक्ताओं ने भी उसका पीछा कर लिया।
कचहरी परिसर में ही वकीलों की मदद से सिपाही ने उसे दबोच लिया। इसके बाद भाग रहे बंदी की लोगों ने खबर ली। दूसरे बंदी की सुरक्षा में मौजूद पुलिसकर्मी भी पहुंच गए। बंदी को लॉकअप में बंद कर दिया गया। घायल सिपाही को उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। खबर भेजे जाने तक सिपाही ने कोतवाली पुलिस को घटना की बाबत तहरीर नहीं दी थी। बंदी के पकड़े जाने पर पुलिसकर्मियों ने राहत की सांस ली। एएसपी पूर्वी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि सिपाही पर हमला करने वाले बंदी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।