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संजू को मामा के घर खोजती रही पुलिस

Sun, 06 Nov 2016 11:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़।
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न्‍यूूज
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ट्टी के पूर्व प्रभारी कोतवाल राजकिशोर की लापरवाही से संजू आनरकिलिंग का शिकार हो गई। दिवाली के दिन कोतवाली में सौरभ के सामने आते ही संजू फफक पड़ी थी। सौरभ के साथ पट्टी कोतवाली में उसकी आखिरी मुलाकात की तस्वीर में भी उसके चेहरे पर प्रताड़ना साफ झलक रही है। इसके बाद भी पूर्व प्रभारी कोतवाल ने संजू को पति के बजाए मायके वालों के साथ भेज दिया। दूसरे दिन 31 अक्तूबर को पुलिस संजू को ढूंढने उसके घर न जाकर बल्कि मामा के घर पहुंच गई।
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सौरभ के मुताबिक पुलिस अधीक्षक से उसने पत्नी संजू को  मायके वालों के चंगुल से आजाद कराने की गुहार लगाई थी। एसपी के आदेश पर दिवाली के दिन पट्टी के पूर्व प्रभारी कोतवाल राजकिशोर ने संजू व उसके पिता को बुलवाया। सौरभ को देखते हुए संजू की आंखों से आंसू बहने लगे। संजू के चेहरे पर बंदिशों का खौफ और शरीर पर प्रताड़ना पर साफ झलक रही थी। यह देख पहले प्रभारी एसओ ने पिता राकेश सिंह से साफ कहा कि संजू को लखनऊ भेजा जाएगा। अभी बातें हो ही रही थी कि कुछ लोगों से बातचीत के अलावा संजू के सिपाही चाचा धीरेंद्र से फोन पर बात करते हुए प्रभारी एसओ राजकिशोर ने पलटी मार दी। दिवाली का हवाला देते हुए संजू को पिता के साथ भेजने का आदेश सुना दिया। यह सुनते ही सौरभ दंग रह गया और विरोध करने लगा लेकिन प्रभारी कोतवाल उसकी बातों को अनसुना कर दिया। उसे 31 अक्तूबर को दस बजे बुलाया गया। सौरभ ने बताया कि दूसरे दिन वह फिर संजू को लेने के लिए पट्टी पहुंच गया। उसके न आने पर अनहोनी की शिकायत पुलिस अधीक्षक से की। एसपी का आदेश मिलने के बाद पट्टी पुलिस संजू के घर जाने के बजाय उसे खोजने के लिए उसके ननिहाल पहुंच गई थी।

पांच दिन बाद भी एक कदम आगे नहीं बढ़ी पुलिस की जांच

ऑनर किलिंग का शिकार हुई संजू के मामले में पांच दिन दिन बाद भी पुलिस जहां की तहां है। एक कदम भी उसकी जांच आगे नहीं बढ़ सकी है। नामजद दो आरोपियों को भी पुलिस पकड़ नहीं सकी है। पोस्टमार्टम के बाद प्रिजर्व किया गया बिसरा भी अभी जांच के लिए नहीं भेजा जा सका है। ऐसे में तो संजू को इंसाफ मिलता नहीं दिख रहा है।
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पट्टी कोतवाली के धनगढ़ सराय छिवलहा निवासी संजू सिंह और असुढ़ी निवासी सौरभ पांडेय ने इलाहाबाद के आर्य समाज मंदिर में शादी करने के बाद फिर कोर्ट मैरिज कर ली थी। संजू के पिता राकेश सिंह के साथ ही उसके चाचा और कुछ रिश्तेदार इस शादी के खिलाफ थे। दो नवंबर को संजू की लाश मायके में मिली थी। डाक्टरों ने पोस्टमार्टम के बाद मौत के कारण को पूरी तरह स्पष्ट करने के लिए बिसरे को जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजने का सुझाव दिया था। खास बात यह है कि अभी भी पट्टी पुलिस ने बिसरे की जांच के लिए नहीं भेजा।

पूर्व प्रभारी कोतवाल राजकिशोर ने बेटी के हत्यारोपी राकेश सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। नए कोतवाल आदित्य सिंह का कहना है कि अभीवह प्रकरण की छानबीन कर रहे हैं। अन्य आरोपियों की तलाश के लिए पुलिसकर्मी लगाए गए हैं। बिसरा जांच के लिए भेजा जाएगा। आनर किलिंग जैसी घटना को भी पुलिस गंभीरता से नहीं ले रही है। पांच दिन बाद भी पुलिस की कार्रवाई एक कदम भी आगे नहीं बढ़ी है। इसके पीछे संजू के सिपाही चाचा आरोपी धीरेंद्र सिंह का दबाव है या फिर कोई दूसरी वजह। इसे लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।


एसओ ने ही दोनों की खिंचवाई थी फोटो

पट्टी कोतवाली के प्रभारी कोतवाल ने दिवाली के दिन संजू के पिता राकेश सिंह को समझाते हुए कहा कि वह बालिग हैं और उन्होंने अपना रास्ता चुन लिया है। वह स्वेच्छा से अपने पति के साथ जाना चाहती है। कोई उसे जबरजस्ती नहीं रोक सकता। कानून से सभी के हाथ बंधे हैं। इसके बाद संजू व सौरभ की एक साथ कोतवाली में फोटो भी खिंचवाई। ताकि दोनों को तसल्ली हो सके। हालांकि कुछ ही देर में प्रभारी कोतवाल पलटी मार गए।
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