प्रतापगढ़ से तस्करी के लिए कोलकाता भेजे जा रहे 289 कछुओं को बुधवार को जीआरपी ने बरामद किया है। इन्हें आठ बैगों में भरकर पंजाब मेल में लादा गया था। कछुए ले जा रहे तीन तस्कर भी पकड़े गए हैं, जिनमें दो महिलाएं शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक कछुओं को कोलकाता से विदेश भेजने की तैयारी थी। उन्हें वन विभाग के हवाले कर दिया गया। डीएफओ की तहरीर पर तीनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
अमेठी जनपद के पीपरपुर थाना के पकड़ी निवासी रवि पुत्र गिरधारी, माया और सोनम बुधवार को आठ बैग में 289 कछुओं को लेकर प्रतापगढ़ स्टेशन पहुंचे। तीनों स्टेशन पर अमृतसर से हावड़ा जाने वाली पंजाब मेल का इंतजार कर रहे थे। एक साथ आठ बैग लेकर तीनों को बैठे देख जीआरपी के सिपाहियों को कुछ शंका हुई। इस बीच पंजाब मेल आ गई और तीनों बैग लेकर कोच में सवार हो गए। तभी जीआरपी ने चेन पुलिंग कर ट्रेन रोक दी और तीनों को हिरासत में ले लिया। चेकिंग के दौरान आठ बैगों से 289 जिंदा कछुए बरामद हुए। इस पर जीआरपी के इंस्पेक्टर फूल सिंह ने वनविभाग को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही डीएफओ टीम के साथ पहुंचे और बरामद कछुओं को अपने कब्जे में ले लिया। जीआरपी इंस्पेक्टर ने बताया कि तीनों आरोपी कछुओं को तस्करी के लिए कोलकाता ले जा रहे थे। डीएफओ ने बताया कि पकड़े गए कछुओं की कीमत लाखों में है। कई देशों में इनसे शक्तिवर्धक दवाइयां बनाई जाती हैं।